जामा मस्जिद पर ईद-उल-अजहा की तैयारियां पूरी हो गई हैं। गली, नुक्कड़, दुकान पर चहल-पहल देखने को मिल रही है। वहीं, शुक्रवार को शांतिपूर्वक जुमे की नमाज अदा की गई। इस दौरान रोजाना से ज्यादा भीड़ देखी गई, वहीं पूरे वक्त पुलिस बल तैनात रहा।
जुमे की नमाज के बाद मौजूद लोगों से अपील करते हुए जामा मस्जिद के नायब शाही इमाम मौलाना सैयद शाबान बुखारी ने कहा, यह कुर्बानी का दिन नहीं बल्कि तस्लीम और फरमाबरदारी का दिन है। कुर्बानी सिर्फ बंद और तयशुदा जगहों पर करें। खुली सड़कों या गलियों में कुर्बानी करने से परहेज करें। अपने हमसायों के जज्बात का लिहाज करें। जिबा की मनाजिर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर न डालें — यह दीन और इंसानियत दोनों के खिलाफ है। यह इबादत है, इसे नफरत का सबब न बनाएं।
जामा मस्जिद के आस-पास की गलियों में सेवईं, शीरखुर्मा, मेवे और अन्य मिठाइयों की दुकानें खरीदारों से गुलजार हैं। स्थानीय दुकानदार नदीम, जो पिछले 35 साल से शीरखुर्मा और मेवों की दुकान चला रहे हैं, बताते हैं कि ईद-उल-अजहा का त्योहार हमारे लिए सिर्फ एक धार्मिक अवसर नहीं, बल्कि मोहब्बत और मेलजोल का भी पैगाम है। इस बार भीड़ पहले से ज्यादा है।
लोग दूर-दूर से आते हैं, खासकर हमारी खास इलायची सेवईं और देसी घी वाला शीरखुर्मा लेने। इस बीच, श्रद्धालुओं की भीड़ हर दिन बढ़ती जा रही है। लोग नमाज के साथ-साथ खरीदारी में भी मशगूल हैं। बच्चे रंग-बिरंगे कपड़े और खिलौनों में मगन हैं, जबकि महिलाएं चूड़ियों, मेंहदी और परंपरागत कपड़ों की खरीदारी में जुटी हैं।
ईद-उल-अजहा की आमद न सिर्फ़ एक धार्मिक त्योहार की तैयारी है, बल्कि दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत और भाईचारे की भी ख़ूबसूरत मिसाल बनकर उभर रही है।
कुर्बानी सिर्फ बंद और तयशुदा जगहों पर करें। खुली सड़कों या गलियों में कुर्बानी करने से परहेज करें। अपने हमसायों के जज्बात का लिहाज करें। -
-इमाम मौलाना सैयद शाबान बुखारी, नायब शाही, जामा मस्जिद, दिल्ली
त्योहार को ध्यान में रखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। टीम चौबीसों घंटे गश्त कर रही है। जामा मस्जिद और आसपास के इलाके में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और महिला पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की गई है, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से मनाया जा सके। -
-निधिन वालसन, सेंट्रल जोन डीसीपी, नई दिल्ली