‘डोली सजाकर रखना, मेंहदी लगाकर रखना, लेने तुझे ओ गौरी आएंगेे तेरे सजना’ इस तरह के गानों की धुनों के बीच दूल्हों का घोड़ी पर सवार होकर अपनी जीवन साथी के साथ बृहस्पतिवार से परिणय सूत्र में बंधने का सिलसिला शुरू होने जा रहा है, मगर इस बार शादियां कर रहे लोगों और शादियों में शामिल होने वाले लोगों के समक्ष रंग में भंग पड़ गया है, क्योंकि प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद उनके पास शादी के लिए तामझाम पर किए जाने वाले खर्च व शगुन तक का संकट आ गया है।
तिलक नगर निवासी मामचंद गुप्ता बताते हैं कि उनको पंजाब में अपने रिश्तेदार के यहां शादी में जाना है। वहां शगुन देने के लिए उन्होंने दो दिन पहले एक-एक हजार रुपये के पांच नोट निकलवाए थे, मगर यह नोट बंद होने के बाद उनके समक्ष शगुन के लिए रुपये नहीं होने की दिक्कत पैदा हो गई है।
उनकी तरह जनकपुरी निवासी जयप्रकाश ने बताया कि उनके यहां एक दर्जन शादियों के निमंत्रण आए हुए हैं, लेकिन उनके पास शगुन डालने के लिए सौ-पचास रुपये के नोट नहीं हैं। ऐसे में पांच सौ या हजार का नोट डालना गलत हो जाएगा।