विद्या वाहिनी योजना के तहत अब तक 26 हजार छात्राओं को दी जा चुकी हैं साइकिल
विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करें: आशीष सूद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों में अटूट आत्मविश्वास विकसित करना है, जिससे कि वे केवल रिपोर्ट कार्ड के अंकों तक सीमित न रहें, बल्कि उनमें विषयों की समझ, व्यावहारिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक के माध्यम से सीखने की क्षमता विकसित हो। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने यह बातें जनकपुरी विधानसभा क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में आयोजित विशेष कार्यक्रम में कही। इस दौरान उन्होंने कक्षा नौवीं की छात्राओं को 432 साइकिल वितरित कीं। दिल्ली सरकार ने 31 जुलाई से विद्या वाहिनी योजना को शुरू किया था। इसके अंतर्गत अब तक दिल्लीभर में लगभग 26,000 साइकिल दी जा चुकी हैं।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यार्थी अपनी क्षमताओं को पहचाने, नए कौशल सीखें और भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करें। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक बच्चे को सरकारी स्कूलों में विश्वस्तरीय डिजिटल शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध हों। शिक्षा मंत्री ने कहा कि साइकिल छात्राओं के लिए केवल आने-जाने का साधन नहीं है, बल्कि यह उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने का माध्यम भी है। उन्होंने अभिभावकों से अपनी बेटियों को साइकिल चलाने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की।
सरकारी स्कूलों में बढ़ रहीं आधुनिक सुविधाएं :कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने विद्यालय में उपलब्ध आधुनिक शैक्षिक सुविधाओं का निरीक्षण भी किया। उन्होंने बताया कि जनकपुरी विधानसभा क्षेत्र में 255 स्मार्ट क्लासरूम, दो डिजिटल लाइब्रेरी, चार आईसीटी लैब और पांच भाषा प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। इन सुविधाओं के जरिये विद्यार्थियों को पढ़ाई के नए तरीके सीखने और तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करने का अवसर मिल रहा है।
विद्यार्थियों को मिल रहे कई भाषाएं सीखने के अवसर : शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को फ्रेंच, जर्मन और स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाओं के साथ संस्कृत भाषाएं सीखने के अवसर भी दिए जा रहे हैं। इससे विद्यार्थियों की भाषा संबंधी समझ बढ़ेगी और भविष्य में उनके लिए नए अवसर खुलेंगे।