प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा कि आबकारी नीति को संशोधित करने और लागू करने में मनीष सिसोदिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ईडी ने कहा कि आबकारी विभाग में नीति का मसौदा तैयार करने का तर्क पूरी तरह से झूठा है। ईडी ने राउज एवेन्यू अदालत के समक्ष उक्त तर्क रखते हुए सिसोदिया की जमानत याचिका पर आपत्ति जताई है।
आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले में ईडी ने मनीष सिसोदिया के खिलाफ कोर्ट में अपनी दलीलें पेश की। ईडी के वकील ने कहा कि सिसोदिया काफी प्रभावशाली हैं और यदि उसे जमानत प्रदान की गई तो वे गवाहों को प्रभावित करने के अलावा साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। ईडी ने कहा कि मामले की जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए है और उनकी जांच की जा रही है।
जमानत याचिका पर सिसोदिया के वकील ने अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा। अदालत ने मामले की सुनवाई 18 अप्रैल तय कर दी। कोर्ट में पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को ईडी ने बुधवार को अदालत में पेश किया। अब मामले में अगली सुनवाई 18 अप्रैल को होगी। सीबीआई से जुड़े मामले में निचली अदालत द्वारा खारिज की गई जमानत याचिका को सिसोदिया ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।