जम्मू और कश्मीर में आतंकी गतिविधियों का वित्तपोषण करने के लिए मनी लान्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को पटियाला हाउस कोर्ट में आरोपपत्र दायर किया। यह आरोपपत्र पाकिस्तान स्थित हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन और 11 अन्य आरोपियों के खिलाफ दायर किया गया है।
विशेष न्यायाधीश के समक्ष यह आरोपपत्र दायर करके ईडी ने मांग की कि इस मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अन्य सजा के अलावा 1.22 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जाए। इस मामले अदालत जल्द संज्ञान ले सकती है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) कार्रवाई और भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के तहत मुख्य आरोपी सयेद सलाहुद्दीन व अन्य के खिलाफ दायर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के आरोपपत्र का संज्ञान लेने के बाद इस मामले में मनी लान्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था।
ईडी ने आरोपपत्र में मुख्य आरोपी मोहम्मद यूसुफ शाह उर्फ सयेद सलाहुद्दीन के अलावा मोहम्मद शफी शाह उर्फ डॉक्टर उर्फ दाउद, तालिब लाली उर्फ तालिब हुसैन, गुलाम नगी खान उर्फ आमिर खान, उमर फारूक शेरा उर्फ महबूब-उल-हक, मंजूर अहमद दार उर्फ मसरूर दार, जफर हुसैन भट उर्फ खुर्शीद, नजीर अहमद दार उर्फ शबीर इलाही खालिद, अब्दुल मुजीब सोफी उर्फ मुजीब बिसाती-शाहीन, मुबारक शाह, मुजफ्फर अहमद दार उर्फ गजनबी और मुश्ताक आलम को आरोपी बनाया है।
ईडी ने इस मामले में पिछले साल नवंबर में मोहम्मद शफी शाह, बांदीपोरा निवा गुलाम नगी और अन्य पांच अन्य कथित आतंकवादियों की कश्मीर में 13 संपत्तियों को अटैच किया था, जिनकी कीमत 1.22 करोड़ रुपए थी।