दिलशाद गार्डन-नया बस अड्डा मेट्रो लाइन के चार मेट्रो स्टेशनों के निर्माण की शुरुआत के साथ ही डीएमआरसी ने नई घोषणा की है।
आनंद विहार, वैशाली के बाद गाजियाबाद की सेकेंड फेज मेट्रो के सभी आठ स्टेशन पूरी तरह ईको फ्रेंडली होंगे। स्टेशन न सिर्फ पर्यावरण के लिए फायदेमंद होंगे, साथ ही जल और ऊर्जा संरक्षण में भी पूरी तरह मददगार होंगे।
सौर ऊर्जा से चलने वाले इन स्टेशनों पर बिजली कटौती का भी कोई असर नहीं पड़ेगा। डीएमआरसी ने गाजियाबाद में मेट्रो के सेकेंड फेज के मेट्रो स्टेशनों का निर्माण शुरू कर दिया है।
डीएमआरसी के चीफ पीआरओ अनुज दयाल के अनुसार दिलशाद गार्डन के बाद बनने वाले सभी स्टेशन पूरी तरह ईको फ्रेंडली होंगे। इन स्टेशनों पर सोलर प्लांट लगाए जाएंगे।
इनसे स्टेशनों को बिजली मिलेगी, साथ ही जल संरक्षण के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और ऊर्जा बचाने के लिए एलईडी लाइट्स व अन्य उपकरणों का इस्तेमाल होगा।
इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल की देखरेख में होगा काम
ग्रीन बिल्डिंग नार्म्स पर मेट्रो स्टेशन बनाने के लिए डीएमआरसी इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल की मदद लेगा। मेट्रो स्टेशन की नींव डलते ही आगे का काम काउंसिल देखेगी।
अधिकारियों की मानें तो सौर ऊर्जा से बिजली संचालन, ऊर्जा संरक्षण, जल संरक्षण के साथ मेट्रो स्टेशन में लगे सभी उपकरण कम से कम कार्बन डाईआक्साइड का उत्सर्जन करेंगे। मेट्रो स्टेशन के साथ बनने वाले स्टॉफ क्वार्टर भी ग्रीन बिल्डिंग नार्म्स पर बनेंगे।