सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को चुनाव आयोग को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव की उस याचिका पर गौर करने के लिए कहा है जिसमें उसने वाराणसी संसदीय क्षेत्र से नामांकन रद्द किए जाने के आयोग के निर्णय को चुनौती दी है। मालूम हो कि तेज बहादर समाजवादी पार्टी की ओर से वाराणसी से नामांकन भरा था। इस सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोबारा लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं।
चीफ जस्टिस रंजन गोगई और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने चुनाव आयोग के वकील राकेश द्विवेदी को तेज बहादर की याचिका पर गौर करने के बाद बृहस्पतिवार को आयोग का पक्ष रखने के लिए कहा है। इससे पहले तेज बहादर की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने पूर्व फैसले का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के दौरान भी चुनाव याचिका दायर की जा सकती है।
समाजवादी पार्टी की टिकट से वाराणसी से नामांकन भरने वाले तेज बहादुर ने अपनी याचिका में कहा है कि ऐसा लगता है कि उनका नामांकन इसलिए खारिज कर दिया गया जिससे कि सत्ताधारी दल को इस संसदीय क्षेत्र से वाकओवर मिल जाए। तेज बहादुर ने चुनाव अधिकारी द्वारा उसके नामांकन को रद्द करने के निर्णय को भेदभावपूर्ण और अतार्किक बताया है।
मालूम हो कि 19 अप्रैल को तेज बहादुर को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। कश्मीर में तैनाती केदौरान तेज बहादर द्वारा सोशल मीडिया के जरिए खाने की क्वालिटी को लेकर शिकायत करने पर सरकार की भारी किरकिरी हुई थी।