पिता ने ही सीसीटीवी फुटेज देखकर बेटे को पहचाना
लक्ष्मी नगर थाना प्रभारी अजीत कुमार झा व अन्यों ने बेहद बारीकी से करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। इस बीच सीसीटीवी की जांच करते हुए टीम आनंद विहार बस अड्डे तक पहुंच गई। यहां पहुंचकर स्कूटी सवार दो बदमाशों ने अपना नकाब हटाया। फुटेज जितेंद्र को दिखाई। इसको देखते ही जितेंद्र ने फौरन अपने बेटे को पहचान लिया।
जितेंद्र ने बताया कि वारदात के समय स्कूटी चला रहा युवक उसका बेटा ही है। जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मंगलवार देर रात को जितेंद्र के बेटे तवलीन को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने लूटपाट की गुत्थी को स्वीकार कर लिया। अपने बाकी दो साथियों के नाम भी बता दिए।
लखनऊ टोल प्लाजा से पकड़े गए दो आरोपी
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने मोहित कुमार तिवारी और पंकज नामक आरोपियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। दोनों आरोपी वारदात के बाद आनंद विहार आईएसबीटी से बस में सवार होकर बिहार के लिए निकल गए हैं। सूचना के बाद एक टीम को फौरन बिहार के लिए रवाना कर दिया गया।
इस बीच टीम ने पीछा करते हुए लखनऊ टोल प्लाजा के पास से बस में दो आरोपी मोहित कुमार व पंकज को दबोच लिया। पूछताछ में दोनों ने वारदात में अपना हाथ होने की बात स्वीकार कर ली। मोहित व पंकज ने बताया कि वह जितेंद्र की प्रिंटिंग प्रेस में काम करते हैं। तवलीन से उनकी दोस्ती है। तवलीन ने ही उनको लूट के लिए कहा था।
तवलीन के कहने पर मोहित ने बिहार से 45 हजार रुपये में एक पिस्टल का इंतजाम किया। वारदात वाले दिन दोनों तवलीन के साथ उसके कमरे पर रहे। जैसे ही जितेंद्र कैश लेकर घर से निकले, तवलीन और मोहित ने उनका पीछा शुरू कर दिया। कुंदन नगर में मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दे दिया गया।
मौज-मस्ती के लिए चाहिए थे तवलीन को रुपये
तवलीन 12वीं कक्षा तक पढ़ा है और पिता के साथ प्रिंटिग प्रेस में काम करता है। वहीं मोहित ग्रेजुएट है और प्रिंटिंग प्रेस में काम करता है। वहीं पंकज भी 12वीं तक ही पढ़ा है। तवलीन को मौज-मस्ती करने का शौक है। उसके बेहद महंगे शौक भी है। इसी वजह से उसने अपने पिता को ही लूटने की योजना बना ली और वारदात को अंजाम दिया।