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पूर्वी दिल्ली: स्क्रैप कारोबारी ने घाटे की भरपाई के लिए लुटवाए थे 44 लाख, आरोपी समेत छह गिरफ्तार; 26 लाख बरामद

Wed, 28 Oct 2026 02:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

मानसरोवर पार्क थाना पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात से पर्दा उठाकर मामले में कारोबारी व मुख्य आरोपी समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
 
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demo - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
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कारोबार में हुए घाटे को पूरा करने के लिए एक स्क्रैप कारोबारी ने 44 लाख की पेमेंट करने के बाद खुद ही अपने साथियों को कैश मूवमेंट की सूचना देकर रकम लुटवा दी। मानसरोवर पार्क थाना पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात से पर्दा उठाकर मामले में कारोबारी व मुख्य आरोपी समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
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इनके पास से लूटे गए 26.41 लाख रुपये बरामद किए हैं। आरोपियों की पहचान कारोबारी प्रांजल तिवारी, मुख्य आरोपी सत्यम विश्वकर्मा उर्फ डेविल के अलावा सरब तिवारी उर्फ प्रफुल, अंबरिश तिवारी उर्फ चंचल, गौरव तिवारी और रामजीत के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कैश के अलावा वारदात में इस्तेमाल एक पिस्टल, मैगजीन और कार बरामद की है।

पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी सत्यम विश्वकर्मा की 19 साल की बहन को भी पाबंद किया है। दरअसल सत्यम की निशानदेही पर पुलिस ने यूपी के सुल्तानपुर से उसकी बहन के पास से 22.51 लाख रुपये बरामद किए हैं। इससे पूर्व पुलिस ने 3.90 लाख रुपये दिल्ली से ही बरामद कर लिए थे।
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सत्यम और सरब तिवारी के खिलाफ तीन-तीन और अंबरिश के खिलाफ एक मामला दर्ज है। शाहदरा जिला के पुलिस उपायुक्त आरपी मीणा ने बताया कि 27 अगस्त को मानसरोवर पार्क इलाके में बदमाशों ने पिस्टल दिखाकर कैश कलेक्शन एजेंट जितेंद्र से 44 लाख रुपये लूट लिए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू। जांच के दौरान जितेंद्र ने बताया कि उसने कारोबारी प्रांजल तिवारी व उनके पिता अवधेश तिवारी से 44 लाख रुपये कलेक्ट किए थे।

इस पेमेंट को उसे मायापुरी के दूसरे कारोबारी तक पहुंचाना था। बदमाशों ने उसे मानसरोवर पार्क में ही लूट लिया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर पड़ताल शुरू की। शुरुआत में ही पुलिस को कारोबारी प्रांजल तिवारी पर शक हो गया। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो आरोपी ने पूरी वारदात में अपना हाथ होने की बात कबूल कर ली।

ऐसे दिया गया वारदात को अंजाम : प्रांजल ने पुलिस को बताया कि उसे कारोबार में घाटा हुआ था। घाटे को पूरा करने के लिए उसने साजिश रची। उसने अपने दोस्त सुल्तानपुर निवासी सरब तिवारी को पूरी साजिश बताई। इसके तहत कैश की सूचना देकर अपने साथियों से उसे लुटवाना था। बाद में रकम को आपस में बांटना था।

सरब तिवारी ने मुख्य आरोपी सुलतानपुरी निवासी सत्यम विश्वकर्मा को योजना में शामिल किया। इसके बाद सत्यम ने अमेठी निवासी अंबरिश के साथ मिलकर प्रांजय की सूचना पर कैश लूट लिया। बाद में ये लोग गुरुग्राम भाग गए। गौरव तिवारी ने यूपी में इनके रुकने का इंतजाम किया।
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