विज्ञापन में मोटी कमाई को देख नगर निगम ने अब शहीदों और महापुरुषों की मूर्तियों के पास भी विज्ञापन लगाने का बीओटी ठेका छोड़ दिया है।
महापौर के विरोध और राज्यपाल के यूपी सरकार को जांच कराने के आदेश के बावजूद निगम अधिकारियों ने सभी आपत्तियों को ठेंगे पर रख प्राइवेट फर्म को गुपचुप वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया।
बीओटी फर्म ने मूर्तियों की सफाई तो नहीं की, लेकिन इनके आसपास विज्ञापन लगाकर कमाई करना शुरू कर दिया है। विरोध कर रहे पार्षद अब हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।
करीब छह महीने पहले नगर निगम ने शहर में लगी महापुरुषों और शहीदों की 30 मूर्तियों को बीओटी पर रखरखाव का ठेका देने की प्रक्रिया शुरू की थी।
नगर निगम ने इसके अलावा कई मार्गों पर भी बीओटी पर विज्ञापन का ठेका छोड़ने के लिए टेंडर कॉल किए थे। अधिकांश पार्षदों ने इसका विरोध किया था।
उनके विरोध पर तत्कालीन महापौर स्व. तेलूराम कांबोज ने पत्र भेजकर बीओटी की टेंडर प्रक्रिया रोकने के आदेश दिए थे। टेंडर कमेटी में शामिल पार्षदों ने भी विरोध किया था।
बावजूद इसके निगम अधिकारी नहीं मानें और टेंडर खोल दिए गए। अब पार्षदों को अंधेरे में रखकर फर्म से अनुबंध कर वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया है।
राष्ट्रीय सैनिक संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष रिटा. कर्नल तेजेंद्र पाल
त्यागी ने बताया कि शहीदों की प्रतिमाओं के रखरखाव करना निगम की
जिम्मेदारी है।
नगर निगम इसमें फेल है। हमारी संस्था ने निगम अफसरों से
शहीद पार्क गोद लेने की मंशा जाहिर की थी, लेकिन नहीं दिया।
शहीदों की
प्रतिमाओं को बीओटी पर देकर उनका अपमान न करें, अफसर इन प्रतिमाओं को हमारी
संस्थाओं को गोद दे। इनका रखरखाव निशुल्क करेंगे। सैनिक संस्था प्रतिमाओं
को बीओटी पर देने का पुरजोर विरोध करेगी।
इन महापुरुषों की मूर्ति दी बीओटी पर
महात्मा गांधी, चौधरी चरण सिंह, भगवान परशुराम, महाराजा अग्रसेन, इंदिरा गांधी, राममनोहर लोहिया, शहीद भगत सिंह, शहीद चंद्रशेखर आजाद, पं.प्यारे लाल शर्मा, दुर्गा भाभी, डॉ.भीमराव अंबेडकर (5 प्रतिमा), सम्राट सगर महर्षि वाल्मीकि, शहीद ध्रुवलाल यादव, सरदार वल्लभ भाई पटेल, शहीद स्मारक, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, स्वामी विवेकानंद, सुभाष चंद बोस, महर्षि कश्यप, अहिल्याबाई होल्कर, पं. दीनदयाल उपाध्याय, गौतम बुद्ध।
भड़के पार्षद जाएंगे हाईकोर्ट
भाजपा पार्षद मुकेश त्यागी ने बताया कि महापुरुषों की प्रतिमाओं का रखरखाव करने का दायित्व नगर निगम का है। बीओटी के लिए टेंडर कॉल किए जाने के दौरान ही हमने इसका विरोध किया था।
निगम अफसरों ने एक तरफा कार्रवाई कर बीओटी ठेका दे दिया। इसके खिलाफ अब हाईकोर्ट जाएंगे। वहीं, बसपा पार्षद.नरेश जाटव ने बताया कि डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा के पास भी विज्ञापन का ठेका छोड़ दिया है।
यह महापुरुषों का अपमान है। मैं उस टेंडर कमेटी में शामिल था और इसका विरोध किया था। हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे।