15 से 26 जनवरी के बीच चलेगा अभ्यास
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पहले इस काम के लिए भैंस के मांस का इस्तेमाल होता था, लेकिन इस साल पहली बार चिकन मीट दिया जाएगा। चीलें खुले इलाकों और खाने की ओर जल्दी आकर्षित होती हैं, इसलिए तय जगहों पर खाना डालकर उन्हें एयर शो के उड़ान मार्ग से दूर रखा जाता है। यह अभ्यास 15 जनवरी से 26 जनवरी के बीच किया जाएगा। शहर की लगभग 20 जगहों पर यह मांस डाला जाएगा, जिनमें लाल किला, जामा मस्जिद, मंडी हाउस और दिल्ली गेट जैसे इलाके शामिल हैं। इन जगहों पर आमतौर पर चीलों की संख्या ज्यादा रहती है।
10 दिन तक परोसे जाएंगे मीट के टुकड़े
प्रक्रिया के तहत हवा में चिकन के छोटे-छोटे टुकड़े फेंके जाते हैं, ताकि पक्षी वहीं व्यस्त रहें और आसमान में ऊंचाई पर न उड़ें। यह अभ्यास बार-बार किया जाता है, ताकि चीलें खाने की इस व्यवस्था की आदी हो जाएं। टेंडर के अनुसार, चिकन मीट की सप्लाई 15 से 25 जनवरी के बीच अलग-अलग दिनों में की जाएगी। मांस को 20 से 30 ग्राम के टुकड़ों में काटकर पांच किलो के पैकेट में दिया जाएगा। वन विभाग के अधिकारी का कहना है कि इस व्यवस्था से पक्षियों को भी पर्याप्त खाना मिलेगा और गणतंत्र दिवस का एयर शो भी सुरक्षित और सुचारू रूप से हो सकेगा।