साइबर सिटी में चलने वाले ऑटो चालकों की मनमानी और लूटपाट की घटना को रोकने के लिए पुलिस ने एक नया आइडिया निकाला है। हर थाने में हर रूट पर चलने वाले वाहन चालकों का विस्तृत ब्योरा दर्ज किया जाएगा।
कमिश्नरी में होेने वाले अपराध में ऑटो चालकों की भूमिका को लेकर पुलिस आयुक्त गंभीर हैं। इसके लिए उन्होंने एक सॉफ्टवेयर विकसित कराया है। बृहस्पतिवार को पुलिस आयुक्त ने अपराध कम करने को लेकर आयोजित बैठक में सभी थाना प्रभारियों को आदेश दिया कि वह सोमवार से रजिस्ट्रेशन शुरू कर दें।
इसमें चालक की तस्वीर, ऑटो का रजिस्ट्रेशन नंबर, वाहन का बीमा व प्रदूषण के कागज की स्कैन कॉपी रखी जाए। चालक की ओर से दर्ज किया जाने वाला ब्योरा सॉफ्टवेयर के माध्यम से कहीं भी खोला जा सकेगा। यदि किसी भी स्थान पर कोई ऑटो चालक अपराध के अंजाम देता है तो पुलिस उसके नंबर या अन्य संकेत से उस तक आसानी से पहुंच सकेगा।
पुलिस आयुक्त ने इस व्यवस्था के लिए हर थाना प्रभारी को जिम्मेदारी सौंपी है। पहले यह व्यवस्था सिर्फ ट्रैफिक कार्यालय में ही थी। केवल सीएनजी ऑटो का रजिस्ट्रेशन होता था। अब सभी ऑटो चालक रजिस्ट्रेशन करवाएंगे।
क्या है मानक..
: चालक का लाइसेंस कॅमर्शियल होना चाहिए।
: ऑटो का रजिस्ट्रेशन ट्रैफिक पुलिस में भी होना चाहिए।
: इंश्योरेंस व प्रदूषण के कागजात पूरे होने चाहिए।
: चालक की तस्वीर व स्थायी पता होना चाहिए।
: मोबाइल नंबर व अन्य जानकारी भी चाहिए।
ऑटो चालक हर स्थान पर समस्या पैदा करते हैं। ऐसे में पुलिस ने यह कवायद की है। इससे अपराध पर अंकुश लगेगा और जनता को राहत मिलेगी।- नवदीप सिंह विर्क, पुलिस आयुक्त