राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए दिल्ली सरकार जुलाई में ई-वाहन पॉलिसी लागू कर सकती है। बीते वर्ष नवंबर के अंतिम सप्ताह में परिवहन विभाग ने इस पर काम शुरू किया था, जो अब अंतिम पड़ाव में है। पॉलिसी के तहत दिल्ली में ई-वाहनों की खरीद, ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन और ई-वाहनों संबंधित अन्य गतिविधियों का क्रियान्वयन होगा।
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में ई-वाहन पॉलिसी के तहत वर्ष 2023 तक 25 प्रतिशत वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में तब्दील करने का लक्ष्य है। दिल्लीवासियों की प्रतिक्रिया जानने के परिवहन विभाग ने ई-वाहन पॉलिसी का ड्राफ्ट अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया था।
प्रतिक्रियाओं के आधार पर पॉलिसी को ज्यादा प्रभावी और दिल्ली के वाहन चालकों के अनुकूल बनाने के लिए करीब 9 माह से इसे तैयार किया जा रहा है। बहुत जल्द इसे कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा।
पॉलिसी को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए सरकार ई-वाहनों की खरीद पर ग्राहकों को आकर्षक छूट भी दे सकती है। राजधानी में बढ़ते प्रदूषण का लगभग 30 फीसदी हिस्सा वाहनों के प्रदूषण से पैदा होता है। इसलिए दिल्ली में शून्य उत्सर्जन वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को लाने की तैयारी है।
ड्राफ्ट के तहत ई-वाहनों की खरीद पर सरकार द्वारा बेहतर ऑफर्स देने की योजना को भी शामिल किया गया था। ई-वाहनों के प्रयोग को आसान और परेशानी मुक्त बनाने के लिए बैटरी चार्जिंग और स्वैपिंग स्टेशन सभी इलाकों में 3 किमी के दायरे में बनाए जाएंगे। इन्हें पार्किंग क्षेत्रों, बस डिपो, टर्मिनल और मेट्रो स्टेशनों समेत अन्य जगहों पर बनाने की योजना है। इन पर काम भी शुरू हो चुका है।