ई-रिक्शा से बैन हटने से ई-रिक्शा कंपनियां काफी खुश हैं। गुड़गांव में भी ई-रिक्शे का निर्माण होता है। यहां पर ई-रिक्शा निर्माण करने वाले दो प्लांट हैं। कंपनी का कहना है कि पुराने रिक्शों में थोड़ा बदलाव किया जाएगा। जिससे लाइसेंस मिलने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।
दिल्ली हाईकोर्ट के ई-रिक्शा पर बैन के बाद गुड़गांव प्लांटों में ई-रिक्शा निर्माण काफी कम हो गया था। बैन हटने से इसमें गति आ गई है। लक्ष्मण विहार स्थित सायरा इलेक्ट्रिक ऑटो कंपनी निर्मित रिक्शों की सबसे अधिक सप्लाई दिल्ली होती थी। बैन के बाद यह बिल्कुल बंद हो गई थी।
अब यह फिर से शुरू हो गई है। इससे कंपनी ने राहत की सांस ली है। सायरा इलेक्ट्रिक ऑटो के प्रोपराइटर नितिन कपूर ने बताया कि ई-रिक्शे से बैन हटना काफी सकारात्मक कदम है। कंपनियों को 650, 800 और 1,000 वाट के रिक्शे उत्पादित करने की अनुमति दी गई है।
पुराने रिक्शों को सड़क पर उतारने के लिए उसके टायरों और लाइटों में बदलाव किया जाएगा। इसके लिए कैंप लगाया जाएगा। उन्होनें बताया कि बैटरी रिक्शा वेलफेयर एसोसिएशन इन बदलावों को अंजाम देगा। इसके बाद इन रिक्शों को लाइसेंस प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब कारोबार भी पटरी पर आ जाएगा।