दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध दयाल सिंह कॉलेज का नाम वंदे मातरम किए जाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। कॉलेज गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष अमिताभ सिन्हा ने शिरोमणि अकाली दल के नेताओं पर आपराधिक मामला दर्ज करने की चेतावनी दी है।
उनका कहना है कि दस्तावेज का गलत तरीके से प्रयोग कर हिंदू - सिख भाईचारे को खराब कराने का प्रयास किया जा रहा है। जो कि भारतीय दंड संहिता में गैर जमानती अपराध है। अमिताभ सिन्हा का कहना है की जिन दस्तावेज की बात की जा रही है वह डीयू के रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने मूल दस्तावेज गवर्निंग बॉडी के सामने मंगलवार तक पेश करने को कहा है। यदि ऐसा नही किया जाता तो मामला दर्ज कराया जाएगा। अकाली नेताओं को अल्टीमेटम दिया गया है।
मामले में अकाली नेताओं को सात साल की सजा हो सकती है। मालूम हो की अकाली नेताओं ने कॉलेज का नाम बदलने के मामले को संसद में उठाने को कहा था। सिन्हा ने फिर साफ किया कि ईवनिंग कॉलेज अलग कॉलेज है और उसके लिए ही नाम रखा गया है।
मामले को बिना समझे बयानबाजी की जा रही है। इस मामले में शुक्रवार को पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल को बहस करने की चुनौती दी गई थी।