डूसू चुनाव के दौरान एबीवीपी का दिल्ली मेट्रो में रियायती पास का वादा जीत में तुरुप का इक्का साबित हुआ। एबीवीपी ने घोषणा पत्र में यह वादा किया था। इसके अलावा मुख्यमंत्री की ओर से यू स्पेशल बस की सौगात देना भी अहम रहा।
डूसू चुनाव के दौरान एबीवीपी की ओर से घोषणा पत्र में मेट्रो में रियायती पास का वादा करने सहित कई दूसरे मुद्दे जीत में तुरुप का इक्का साबित हुए। इस कारण एबीवीपी को डूसू में अलग-अलग तीन पदों पर जीत मिली।
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डूसू चुनाव से पहले डीयू छात्रों को दिल्ली सरकार की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा यू स्पेशल बस की सौगात देना भी इस जीत में अहम रहा।
एबीवीपी ने घोषणा पत्र में छात्रों को सब्सिडी पर स्वास्थ्य बीमा देना, महिला सुरक्षा और सुविधा, दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष प्रावधान, खेल और फिटनेस पर जोर, डिजिटल और टेक्नोलॉजी सशक्तिकरण, रोजगार और इंटर्नशिप अवसर, शैक्षणिक सुधार और शोध सुविधा, मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग जैसे कई दूसरे मुद्दों को शामिल किया। इस कारण डीयू छात्रों का एबीवीपी को समर्थन मिला।
एबीवीपी कई बार डूसू में तीन अलग-अलग पदों पर जीती
इसके अलावा एबीवीपी की वर्षभर कॉलेजों में सक्रियता, हर कॉलेज में इकाई का होना, गुटबाजी न होना, कैडर वोटिंग आदि मुद्दों के समाधान की दिशा में काम करना भी निर्णायक रहा। एबीवीपी के अनुसार वर्ष 2013-14 से एबीवीपी कई बार डूसू में तीन अलग-अलग पदों पर जीतती रही है। सिर्फ 2017 और 2024 में एबीवीपी को डूसू में दो पदों पर संतोष करना पड़ा था।
एनएसयूआई से वर्ष 2024 में डूसू अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज करने वाले रौनक खत्री के कामों का जादू छात्रों पर नहीं चल पाया। इस कारण एनएसयूआई को डूसू चुनाव में अध्यक्ष, संयुक्त सचिव और सचिव का पद गंवाना पड़ा। जबकि पिछले चुनाव में एनएसयूआई ने अध्यक्ष और संयुक्त सचिव के पद पर जीत दर्ज की थी।
जीतने के बाद बोले
यह जीत सुनश्चित करती है कि आज भी एबीवीपी से छात्र जुड़े हुए और संगठन पर विश्वास करते हैं। पहली प्राथमिकता छात्रों को मेट्रो के लिए रियायती पास दिलाना रहेगी। आर्यन मान, नवर्निवाचित अध्यक्ष, डूसू
जीत के लिए छात्र-छात्राओं को धन्यवाद है। छात्रों की जरूरत के लिए हर समय उपलब्ध रहूंगा। कैंपस में वाई-फाई लगवाएंगे। खासतौर पर महिला हॉस्टल में यह व्यवस्था की जाएगी। नेटवर्क की समस्या को दूर करेंगे। कुणाल चौधरी, नवर्निवार्चित सचिव, डूसू
मेरी पहली प्राथमिकता हर कॉलेज में मेंटल हेल्थ काउंसलर नियुक्ति किया जाएगा। हर छात्र को हॉस्टल सुविधा दिलाने की लड़ाई लडूंगा। हॉस्टल और छात्रों के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी। -राहुल झांसला, उपाध्यक्ष, डूसू
मेट्रो में रियायती पास की लड़ाई के लिए लंबे समय से लड़ रहे है। यह पहली प्राथमिकता रहेगी। छात्राओं की सुरक्षा के लिए एप तैयार करेंगे। कॉलेज और हॉस्टल के बाहर 24 घंटे पेट्रोलिंग रहेगी।- दीपिका झा, नवर्निवाचित संयुक्त सचिव, डूसू