रामजस कॉलेज में छात्रों और सुरक्षा कर्मियों के बीच नोंकझोक
इसी दौरान, रामजस कॉलेज में छात्रों और सुरक्षा कर्मियों के बीच हल्की नोकझोंक की घटना भी सामने आई। दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में चुनावी माहौल पूरी तरह से गर्म है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अपने प्रमुख उम्मीदवारों के नामों की सूची जारी कर दी है।
एबीवीपी और आप ने जारी की उम्मीदवारों की सूची
एबीवीपी ने अध्यक्ष पद के लिए कंझावला क्षेत्र के यश डबास को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। उपाध्यक्ष पद के लिए ईशू मौर्या को मैदान में उतारा गया है। रिया छावड़ी को संगठन ने सचिव पद का उम्मीदवार बनाया है। वहीं, सह-सचिव पद के लिए लक्ष्य राज सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। जबकि आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन एएसएपी ने भी उम्मीदवारों के नामों का एलान कर दिया है। अध्यक्ष पद के लिए अश्मित कुमार पवार और सचिव पद के लिए पंकज कुमार को चुनावी मैदान में उतारा है।
एनएसयूआई ने जारी की सूची
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूयू) चुनाव के बीच एनएसयूआई ने अपने उम्मीदवारों के नामों की सूची जारी कर दी है। अध्यक्ष पद के लिए विजय शंकर मीणा को उम्मीदवार बनाया गया है। वीर छत्रथ उपाध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ेंगे। नम्रता चौधरी को सचिव पद का उम्मीदवार घोषित किया गया है। गोपाल चौधरी सह-सचिव पद के लिए मैदान में होंगे।
चुनाव प्रचार में इन चीजों पर रोक
लाउडस्पीकर वाहनों और जानवरों के जरिए प्रचार नहीं किया जा सकेगा। मैस्कॉट किसी किरदार या पोशाक का इस्तेमाल भी प्रतिबंधित रहेगा। विश्वविद्यालय या कॉलेज की किसी संपत्ति, वेबसाइट अथवा फेसबुक पेज को नुकसान पहुंचाने पर संबंधित प्रत्याशी और उसके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। प्रत्याशी अपने प्रचार के लिए अपने चार से अधिक विद्यार्थियों को नहीं ले जा सकेंगे। प्रिन्टेंड पोस्टर पर रोक रहेगी, नियम तोड़ने पर उम्मीदवारी रद हो सकती है।
मतदान केंद्र के पास प्रचार पर रोक
मतदाताओं को पैसे देना, डराना-धमकाना या किसी दूसरे छात्र के नाम पर वोट डालना प्रतिबंधित है। मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में प्रचार नहीं किया जा सकेगा। मतदान खत्म होने से 24 घंटे पहले सार्वजनिक बैठकें करने और मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने ले जाने के लिए वाहन उपलब्ध कराने पर भी रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रत्याशी की उम्मीदवारी या जीती हुई सीट रद्द की जा सकती है। उसके खिलाफ विश्वविद्यालय स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।