सांसद दुष्यंत चौटाला एवं उनके छोटे भाई दिग्विजय चौटाला की पार्टी का नाम क्या होगा? पार्टी का चुनाव चिन्ह क्या होगा? पार्टी का अध्यक्ष कौन होगा? यह जानने में राज्य के लोगों से कहीं ज्यादा राज्य सरकार, राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा, कांग्रेस एवं इंडियन नेशनल लोकदल के नेता उत्सुक हैं। वह अपने इन सवालों को पता लगाने में लगे हुए हैं, मगर उन्हें इस मामले में अभी तक सफलता नहीं मिली है। दरअसल अभी दुष्यंत चौटाला की ओर से पार्टी का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आवेेदन नहीं किया गया है।
इंडियन नेशनल लोकदल से अलग होकर दुष्यंत चौटाला एवं छोटे भाई दिग्विजय चौटाला आजकल नई पार्टी बनाने की कवायद में लगे हुए हैं। वह नौ दिसंबर को जींद में होने वाली रैली में अपनी पार्टी के नाम एवं उससे जुड़ी सभी जानकारी सार्वजनिक करेंगे। मगर राज्य सरकार और राज्य की तीनों प्रमुख पार्टियों के नेता यह जानकारी नौ दिसंबर से पहले ही जुटाना चाहते हैैं। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार, राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा, कांग्रेस एवं इंडियन नेशनल लोकदल के कई नेताओं ने दुष्यंत चौटाला की पार्टी के संबंध में जानकारी लेने के लिए अपने सभी घोड़े खोल रखे हैं।
सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार, राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा, कांग्रेस एवं इंडियन नेशनल लोकदल के नेताओं ने दुष्यंत चौटाला की नई पार्टी के बारे में जानकारी लेने के लिए उनके करीबी लोगों से संपर्क साधा, मगर उनको ही अपनी पार्टी के बारे में कुछ नहीं पता है। इस कारण उन्हें उनसे कोई मदद नहीं मिली। उन्होंने दुष्यंत चौटाला की नई पार्टी की जानकारी जुटाने के लिए राज्य सरकार के अपने करीबी अधिकारियों की जिम्मेदारी लगाई है। मजेदार बात यह है कि अधिकारी भी इस मामले में उनकी मदद नहीं कर सके हैं। हालांकि वह अपने आकाओं के लिए दुष्यंत चौटाला की नई पार्टी के संबंध में जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार दुष्यंत अपनी पार्टी बनाने की प्रक्रिया गोपनीय तरीके से कर रहे हैं। उनकी पार्टी की समस्त जानकारी केवल उन्हीं लोगों को मालूम है जो पार्टी बनाने की प्रक्रिया पूरी करने में लगे हुए हैं। वह पार्टी के नेताओं से केवल खाली दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा रहे हैं। पार्टी बनाने की पूरी प्रक्रिया 18 जनपथ स्थित दुष्यंत चौटाला की सरकारी कोठी पर चल रही है। यहां पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी बांगड़ समेत आधा दर्जन नेता एवं वकील जुटे हुए हैं।