दंगाइयों ने इंसानों के साथ ही बेजबान जानवरों पर भी रहम नहीं किया। करावल नगर के चमन पार्क के पास रहने वाले कुत्ते को लोग शेरू नाम से पुकारते हैं। पूरा मोहल्ला मिलकर उसे दो समय का खाना देता था। दंगाइयों ने पथराव किया तो उसे भी निशाना बनाया।
पत्थर से उसका बायां पैर पूरी तरह टूट गया। अब वह चमन पार्क के पास मौजूद सुरक्षा बलों के पास बैठा कराहता रहता है, लेकिन उसके टूटे पैर का दर्द समझकर इलाज कराने वाला कोई नहीं है। गलियां वीरान होने से हर कोई घर में छिपा बैठा है।
शेरू इन घरों की ओर टकटकी लगाए पेट भरने का इंतजार कर रहा है। यहीं रहने वाले अब्दुल ने बताया कि शेरू मोहल्ले की शान था। गली से आते-जाते किसी भी संदिग्ध को वह दौड़ा लेता था, लेकिन अब वह खुद मोहताज हो गया है। उसकी मदद के लिए कोई इसलिए भी आगे नहीं आ रहा कि पुलिस ने घरों से निकलने पर पाबंदी लगा रखी है।