सर्दी-जुकाम, गले में संक्रमण, पेट की बीमारियां व फंगल इंफेक्शन के बढ़े मामले
डॉक्टरों ने गंदे पानी व नमी को बताया मुख्य कारण
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में बरसात के मौसम का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। पिछले चार-पांच सप्ताह में सर्दी-जुकाम, तेज बुखार, गले में खराश व संक्रमण, पीलिया, पेट का संक्रमण व स्किन एलर्जी के मामलों में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। एम्स, सफदरजंग, आरएमएल व लेडी हार्डिंग समेत अन्य अस्पतालों की ओपीडी में इन मरीजों की लंबी कतारें रोज देखने को मिल रही हैं।
आरएमएल अस्पताल के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रमेश मीणा ने बताया कि एलर्जिक राइनाइटिस, वायरल हेपेटाइटिस, गैस्ट्रोएंटेराइटिस व स्किन एलर्जी के मरीज बढ़े हैं। बारिश में गंदे पानी या संक्रमित भोजन से डायरिया, टाइफाइड, हेपेटाइटिस ए-ई व हैजा का खतरा रहता है।
नमी बढ़ने से फंगल इंफेक्शन, दाद, एथलीट फुट व आई फ्लू के मामले भी बढ़ जाते हैं। गीले कपड़े-जूतों से स्किन इंफेक्शन व सांस की एलर्जी भी बढ़ सकती है। जलभराव वाले इलाकों में लेप्टोस्पायरोसिस का भी खतरा है, जो चूहों के पेशाब से दूषित पानी के संपर्क में आने से होता है।
डॉक्टरों ने साफ पानी पीने, ताजा भोजन खाने, गीले कपड़ों से बचने व नमी वाले स्थानों पर सतर्क रहने की सलाह दी है। बरसात के मौसम में मच्छरजनित बीमारियों के मामले अभी कम हैं, लेकिन डॉक्टरों ने सावधानी बरतने की अपील की है।
ऐसे करें बचाव
-पीने के लिए हमेशा उबला हुआ, फिल्टर या आरओ का पानी इस्तेमाल करें।
-कटे हुए फल, खुले में रखा खाना और सड़क किनारे मिलने वाली चाट से बचें।
-घर और आसपास पानी जमा न होने दें, ताकि मच्छरों का प्रकोप न बढ़े।
-मच्छर से बचने के लिए रिपेलेंट का इस्तेमाल करें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और जरूरत पड़ने पर मच्छरदानी लगाएं।
-खाना खाने से पहले और बाद में हाथ जरूर धोएं।
-पैरों को सूखा रखें और गंदे पानी में चलने से बचें।
-मानसून में हमेशा गर्म और ताजा बना हुआ खाना खाएं।