बस स्टॉप न होने से सड़क किनारे खड़े होकर बस का इंतजार करने को मजबूर यात्री
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सोनिया विहार नानकसर से चौहान पट्टी बस डिपो के बीच बुनियादी सुविधाओं का अभाव, धूप, बारिश, धूल और आवारा पशुओं के बीच सफर शुरू करने की मजबूरी
चिराग गुप्ता
पूर्वी दिल्ली।
सोनिया विहार नानकसर से चौहान पट्टी बस डिपो के बीच सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की कमी का खामियाजा आम यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। इस मार्ग पर निर्धारित बस स्टॉप नहीं होने के कारण यात्रियों को सोनिया विहार पुश्ता रोड पर सड़क किनारे खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ता है। धूप और बारिश से बचने के लिए लोगों के पास टीन शेड की सुविधा भी नहीं है। ऐसे में सड़क किनारे खड़े होकर बस का इंतजार करना लोगों की मजबूरी बन गई है। सड़क किनारे खड़े रहने की मजबूरी से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे में जरूरत केवल बसों के संचालन की नहीं, बल्कि यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक ठहराव बनाने की भी है।
मौके पर नजर आती है व्यवस्था की कमी
सोनिया विहार पुश्ता रोड पर बस का इंतजार करने वाले यात्रियों के सामने सबसे बड़ी समस्या सुरक्षित और निर्धारित स्थान का अभाव है। यात्रियों को सड़क के किनारे खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ता है। आस-पास आवारा-पशुओं की मौजूदगी उनकी परेशानी को और बढ़ा देती है। बस के इंतजार में खड़े लोगों को एक तरफ गुजरते वाहनों से सतर्क रहना पड़ता है, तो दूसरी तरफ आवारा पशुओं से बचकर खड़े होने के लिए जगह तलाशनी पड़ती है। यात्री सुविधा के लिए निर्धारित स्थान नहीं होने से सड़क किनारा ही उनका अस्थायी बस स्टॉप बन गया है।
दोपहर की तेज धूप में खुले आसमान के नीचे बस का इंतजार करना यात्रियों के लिए मुश्किल भरा होता है। बारिश के दौरान बचने के लिए शेड नहीं होने से भीगने का डर बना रहता है। वहीं, धूल भरी हवा चलने पर सड़क किनारे खड़े रहना और भी असुविधाजनक हो जाता है। बैठने की व्यवस्था नहीं होने के कारण बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों व अन्य यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रोजाना कामकाज, पढ़ाई और अन्य जरूरी कार्यों के लिए निकलने वाले लोगों के लिए यह समस्या उनकी दिनचर्या को भी प्रभावित करता है।