सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमियों (एमएसएमई) को 7.5 फीसदी की दर से कर्ज मिलेगा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को गुड़गांव में चंडीगढ़ क्षेत्र के बैकों की कार्यशाला में इस बाबत जानकारी दी।
दो दिवसीय इस कार्यशाला में गुड़गांव और आसपास के 13 जिलों के बैंक अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के प्रबंध निदेशक तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिमेश चौहान ने कहा कि अनुभव के आधार पर कह सकते हैं कि एमएसएमई को पैसा देना असुरक्षित नहीं है।
आरबीआई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्टार्टअप इंडिया के तहत बैंकर्स को उदारता से एमएसएमई तथा मुद्रा योजना के लाभार्थियों को ऋण सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए कहा है।
कार्यशाला की शुरुआत करते हुए आरबीआई के चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय की क्षेत्रीय निदेशक रश्मि फौजदार ने कहा कि कृषि के बाद सबसे ज्यादा रोजगार एमएसएमई उपलब्ध करवाता है इसलिए इसे बढ़ावा देने की जरूरत है।
उन्होंने सूक्ष्म तथा छोटे उद्यमियों को ऋण उपलब्ध करवाने वाले बैंकर्स को उनके प्रति संजीदा रहने के लिए कहा। आरबीआई के पुणे स्थित कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर बैंकिंग के प्राचार्य प्रमोद के पाण्डा ने कहा कि बैंकों में नियुक्त हो रहे नए अधिकारियों की सूक्ष्म तथा छोटे उद्योगों के प्रति मानसिकता में बदलाव लाने की जरूरत है।
ऋण वितरण में टेक्नालॉजी का इस्तेमाल करें और पेपर वर्क कम से कम हो। ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के प्रबंध निदेशक तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिमेश चौहान ने कहा उनका मानना है कि सावधानी बरतते हुए ऋण देने में संकोच न हो।
इस अवसर पर सिंडीकेट बैंक फरीदाबाद क्षेत्र के डीजीएम अनिल गोयल, अंजनि मिश्रा, कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर बैंकिंग के एलएम गणेशन, गौतम प्रकाश, एचडीएफसी बैंक के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रोहित मुखर्जी, गुड़गांव के अग्रणी जिला प्रबंधक आरसी नायक सहित कई बैंकर्स उपस्थित रहे।