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चिलचिलाती गर्मी दिल्ली वालों को पहुंचा रही अस्पताल, तीन दिन में 40 प्रतिशत मरीज बढ़े

Wed, 05 Jun 2019 10:01 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गर्मी का कहर - फोटो : फाइल फोटो
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चिलचिलाती गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है और लोग गर्मी से कई बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। तेज गर्मी से लोग डिहाइड्रेशन और पेट के संक्रमण की चपेट में आकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। जानकारों की मानें तो महज तीन दिनों के दौरान अस्पतालों में मरीजों की संख्या में लगभग 40 प्रतिशत की अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है। इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक बुखार, उल्टी, डायरिया और पेट के अन्य संक्रमण के साथ गर्मी जनित संक्रामक रोगों के मरीज खासी तादाद में देखे जा रहे हैं। कालरा अस्पताल के निदेशक डॉ. आरएन कालरा ने बताया कि अगर मौसम का मिजाज इस कदर आगे के कुछ दिनों में कायम रहा तो अस्पतालों में मरीजों की और भी ज्यादा भीड़ बढ़ सकती है। फिलहाल स्वास्थ्य मंत्रालय और दिल्ली का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट जारी कर चुका है।  

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हीट स्ट्रोक भी हो सकता है जानलेवा
एम्स के प्रोफेसर डॉ. आशुतोष बिश्वास के अनुसार, हीट स्ट्रोक जानलेवा भी हो सकता है। इसके मरीज बेहोश हो जाते हैं। अगर व्यक्ति बेहोश हो जाए और उसे हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें तो तुरंत उसे अस्पताल ले जाएं। उन्होंने कहा कि शुगर का कम इस्तेमाल, धूप से तौबा, शराब से दूरी, हल्के रंग के कपड़े और पानी का खूब सेवन गर्मी के प्रकोप को दूर रख सकता है। घर से बाहर निकलते समय छाते, टोपी या कपड़े से खुद को पूरी तरह कवर कर लें। वहीं आई-7 के डॉ. संजय चौधरी का कहना है कि  हीट स्ट्रोक हर व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता के आधार पर आ सकता है, फिर भी कुछ लोगों को इसकी आशंका अधिक होती है। तेज धूप में अधिक समय तक काम करने वालों को खतरा अधिक होता है। 

इन लक्षणों का रखना पड़ेगा ध्यान

-जरूरत से ज्यादा पसीना 
-ब्लड प्रेशर में कमी  
-डिहाइड्रेशन के साथ मितली, चक्कर, कमजोरी और सुस्ती
(इन लक्षणों के दौरान पीड़ित कभी-कभी बेहोश भी हो जाता है।)

हीट स्ट्रोक के दौरान क्या होता है

-त्वचा गर्म और शुष्क हो जाती है
-शरीर का तापमान 104 डिग्री या अधिक होना
-दिल की धड़कन और सांसें तेज या कम होना
-अचानक बेहोशी छा जाना
-रक्त वाहिकाओं का कसना 
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बचाव के लिए जरूरी उपाय

-संभव हो तो पीड़ित व्यक्ति को स्नान कराएं या ऐसा नहीं है तो उसे गीली बेडशीट में लपेटें
-पीड़ित सचेत हो तो उसे हाइड्रेटेड करना चाहिए और पानी पिलाना चाहिए 
-इस अवस्था में खून गाढ़ा हो जाता है। ऐसे में पानी या इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर तरल चीजें दें। 
-मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाने की जरूरत होती है। 
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