चिलचिलाती गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है और लोग गर्मी से कई बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। तेज गर्मी से लोग डिहाइड्रेशन और पेट के संक्रमण की चपेट में आकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। जानकारों की मानें तो महज तीन दिनों के दौरान अस्पतालों में मरीजों की संख्या में लगभग 40 प्रतिशत की अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है। इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक बुखार, उल्टी, डायरिया और पेट के अन्य संक्रमण के साथ गर्मी जनित संक्रामक रोगों के मरीज खासी तादाद में देखे जा रहे हैं। कालरा अस्पताल के निदेशक डॉ. आरएन कालरा ने बताया कि अगर मौसम का मिजाज इस कदर आगे के कुछ दिनों में कायम रहा तो अस्पतालों में मरीजों की और भी ज्यादा भीड़ बढ़ सकती है। फिलहाल स्वास्थ्य मंत्रालय और दिल्ली का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट जारी कर चुका है।
हीट स्ट्रोक भी हो सकता है जानलेवा
एम्स के प्रोफेसर डॉ. आशुतोष बिश्वास के अनुसार, हीट स्ट्रोक जानलेवा भी हो सकता है। इसके मरीज बेहोश हो जाते हैं। अगर व्यक्ति बेहोश हो जाए और उसे हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें तो तुरंत उसे अस्पताल ले जाएं। उन्होंने कहा कि शुगर का कम इस्तेमाल, धूप से तौबा, शराब से दूरी, हल्के रंग के कपड़े और पानी का खूब सेवन गर्मी के प्रकोप को दूर रख सकता है। घर से बाहर निकलते समय छाते, टोपी या कपड़े से खुद को पूरी तरह कवर कर लें। वहीं आई-7 के डॉ. संजय चौधरी का कहना है कि हीट स्ट्रोक हर व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता के आधार पर आ सकता है, फिर भी कुछ लोगों को इसकी आशंका अधिक होती है। तेज धूप में अधिक समय तक काम करने वालों को खतरा अधिक होता है।