माता-पिता की मौत के बाद एक बुआ ने अपने नाबालिग (14 वर्षीय) भतीजे को ड्रग्स के दलदल में धकेल दिया। वह भतीजे के स्कूल से आने के बाद उसे गांजे की पुड़िया बनाकर देती थी, जिसे वह स्कूल बैग में रखकर ग्राहक तक पहुंचाता था। पुलिस ने दोनों बुआ-भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है।
गौशाला फाटक निवासी एक महिला झुग्गी झोपड़ी में रहती है। वह गांजा बेचने का काम करती है। बच्चे के पिता की तीन साल पहले एक बीमारी की वजह से मौत हो गई थी। उसके बाद करीब एक साल पहले मां का भी बीमारी से देहांत हो गया। तब से भतीजा बुआ के साथ ही रहता है। वह आठवीं कक्षा का छात्र है।
महिला सुबह भतीजे को स्कूल पढ़ने भेजती थी। फिर स्कूल से आने के बाद उसे गांजे की पुड़िया बनाकर देती थी, जिसे वह स्कूल के बैग में रखकर ही ग्राहकों को देने जाता था। इस दौरान वह प्रतिदिन करीब पांच हजार रुपये का गांजा बेचता था। महिला का पति मजदूरी करता है।