दिल्ली में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अब वॉयलेशन ऑन कैमरा एप (वीओसी) से चालान कर रही है। इस एप के तहत ट्रैफिक पुलिस फोटो खींचती है। मौके पर चालान नहीं किया जाता। साथ ही सड़क पर जो ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन दिखता है उसका ही चालान किया जा रहा है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस किसी भी वाहन को रोककर न तो चालान कर रही है और न ही कागज चेक कर रही है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने फिलहाल ई-चालान मशीन से चालान करने के सिस्टम को बंद कर दिया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी सर्किल ट्रैफिक इंस्पेक्टर व जेडओ के मोबाइल पर वीओसी एप लोड किया गया है।
सभी ट्रैफिक इंस्पेक्टर व जेडओ के मोबाइल पर इस एप को लोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस एप के तहत ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले की गाड़ी की फोटो और गाड़ी के मेक की फोटो इस एप से खींचकर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के सर्वर पर डाल दी जाती है।
सर्वर से चालान जनरेट होता है और उल्लंघनकर्ता के मोबाइल पर स्वत: ही चला जाता है। ये ट्रैफिक इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी है कि गाड़ी की फोटो व मेक की फोटो ठीक हो। फोटो ठीक नहीं होगा तो चालान नहीं होगा।
ऐसे में चालान की जिम्मेदार ट्रैफिक इंस्पेक्टर व जेडओ की होगी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस सड़क पर दिखने वाले ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का ही चालान कर रही है। इसमें गलत लेन ड्राइविंग, रेडलाइट जंपिंग, तेज स्पीड और स्टॉप लाइन वॉयलेशन आदि चार-पांच मदों में ही चालान हो रहे हैं।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस न तो वाहन चालक का लाइसेंस, कागजात व पॉल्यूशन प्रमाणपत्र आदि चेक कर रही है और न ही इनको आधार बनाकर चालान कर रही है। ट्रैफिक पुलिस अधिकारियो का कहना है कि कोरोना संक्रमण को रोकने लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ये कदम उठाया है। हालांकि इससे ट्रैफिक चालानों की संख्या में काफी कमी आई है।