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ठंड और प्रदूषण से बुजुर्गों में बढ़ रहा अवसाद और अकेलापन, सर्वे के मुताबिक किया दावा

Sun, 30 Dec 2018 12:25 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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air pollution - फोटो : PTI
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ठंड और प्रदूषण बढ़ने से राजधानी में बुजुर्ग अवसाद और अकेलेपन का शिकार हो रहे हैं। एक गैर सरकारी संस्था ने दिल्ली-एनसीआर में बुजुर्गों पर सर्वे कर यह दावा किया है। वहीं एम्स के डॉक्टरों का कहना है कि सर्दियों में फ्लू, जोड़ों में दर्द और निमोनिया से ग्रसित मरीजों की संख्या भी 20 से 25 फीसदी बढ़ गई है, जिनमें बुजुर्गों की संख्या अधिक है। 

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ऐजवेल फाउंडेशन नाम की संस्था द्वारा दिल्ली-एनसीआर के बुजुर्गों पर किए गए सर्वे में सामने आया है कि इस मौसम में बुजुर्गों को अवसाद, इन्फेक्शन और अकेलापन तक महसूस होता है। इस सर्वे में सबसे ज्यादा 21.7 फीसदी बुजुर्गों ने माना है कि वह इस मौसम में डिप्रेशन में आ जाते हैं। 21 फीसदी ने कहा कि वह बढ़ते प्रदूषण की वजह से बीमार हो जाते हैं। 17.2 फीसदी ने कहा है कि वह अकेलापन महसूस करते हैं। यह सर्वे दिल्ली-एनसीआर के 1500 बुजुर्गों पर किया गया। संस्था के मुताबिक सर्वे दिसंबर, 2018 में किया गया और इसमें 60 साल और उससे ऊपर के बुजुर्गों को शामिल किया गया है। 

बुजुर्गों में अवसाद के बारे में मानव व्यवहार और संबद्ध विज्ञान संस्थान (इबहास) के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर ओमप्रकाश का कहना है कि बुजुर्गों का अवसाद किशोर और युवाओं से अलग होता है। वे अपने अवसाद के बारे में डॉक्टर को बताना पसंद नहीं करते। अवसाद से बचने के लिए उन्हें पार्क में टहलना और बच्चों के साथ खेलना चाहिए। इसके साथ ही धूप में बैठने से भी अवसाद कम होता है।

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