-ट्रैवलेटर हटाने, डिजाइन सुधार और प्लानिंग नियमों के पालन के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली अर्बन आर्ट कमीशन (डीयूएसी) ने सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में प्रस्तावित युग युगीन भारत संग्रहालय मेट्रो स्टेशन से जुड़े प्रोमेनेड और भूमिगत प्लाजा के डिजाइन को मंजूरी देने से फिलहाल इनकार कर दिया है। आयोग ने इस प्रस्ताव में कई डिजाइन खामियां बताते हुए संशोधन करने और नियोजन मानकों के अनुरूप बदलाव करने के निर्देश दिए हैं।
यह प्रस्ताव केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) द्वारा तैयार किया है और यह ग्रेड-1 हेरिटेज श्रेणी में आने वाले नॉर्थ और साउथ ब्लॉक से जुड़ा हुआ है। डीयूएसी ने इस प्रस्ताव की समीक्षा औपचारिक चरण में की और परियोजना के आर्किटेक्ट के साथ वर्चुअल बैठक के जरिए विस्तृत चर्चा की। आयोग की सबसे बड़ी आपत्ति प्रोमेनेड पर लगाए जाने वाले ट्रैवलेटर को लेकर रही। प्रस्ताव में पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए दोनों ओर 1500 मिमी चौड़े दो ट्रैवलेटर लगाने की योजना थी, लेकिन डीयूएसी ने इसे सुरक्षा और रखरखाव के लिहाज से अनुपयुक्त बताया। आयोग ने साफ तौर पर इन ट्रैवलेटर को हटाने की सिफारिश की है, ताकि पैदल मार्ग खुला और सुगम बना रहे। इसके अलावा, प्रोमेनेड के लिए प्रस्तावित शेडिंग डिजाइन को भी आयोग ने अधूरा और असंगत पाया। डीयूएसी ने सुझाव दिया कि बेहतर कवर के लिए सोलर पैनल आधारित संरचना पर विचार किया जाए, जिससे छाया के साथ नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन भी हो सके। करीब 92 मीटर लंबे रैंप को लेकर भी आयोग ने उपयोगिता बढ़ाने के लिए बदलाव सुझाए हैं। इसमें बीच-बीच में विश्राम स्थल, लैंडिंग और बैठने की व्यवस्था शामिल करने की बात कही गई है। साथ ही, भारी पर्यटक आवाजाही को देखते हुए प्रवेश और निकास मार्गों को स्पष्ट रूप से अलग करने की जरूरत भी बताई गई है।