दिल्ली यूनिवर्सिटी में चार वर्षीय ग्रेजुएशन पाठ्यक्रम (एफवाईयूपी) को लेकर उठे विवाद में लगातार विरोध-प्रदर्शन जारी है।
यूजीसी के आदेश के बावजूद गुरुवार को डीयू के कॉलेजों ने दाखिला प्रक्रिया नहीं शुरू की। कॉलेजों का कहना है कि इस मामले में जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं होती दाखिले नहीं शुरू किये जाएंगे।
वहीं दूसरी ओर छात्र संगठनों ने कुलपति के दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हटाने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इस बीच डीयू के मीडिया कोऑर्डिनेटर ने एफवाईयूपी को लेकर कॉन्फ्रेंस की है।
डीयू ने निकाला बीच का रास्ता!
डीयू के मीडिया कोऑर्डिनेटर मलय नीरव ने कहा कि डीयू, यूजीसी की ओर से नए प्रस्ताव पर सहमति मिलने का इंतजार कर रही है। उन्होंने कहा कि इस विवाद को सुलझाने के लिए बीच का रास्ता निकाला जाएगा।
उन्होंने बताया कि यूजीसी ने डीयू को चिट्ठी लिखकर एफवाईयूपी पर जवाब मांगा था। इसमें डीयू ने जवाब देते हुए कहा है कि ऑनर्स डिग्री तीन साल में देने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।
इस बयान के बाद अब दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला प्रक्रिया जल्द शुरू होने के आसार दिख रहे हैं।
पुलिस हिरासत में कई छात्र
दाखिला प्रक्रिया शुरू न करने और एफवाईयूपी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्र संघ के पदाधिकारियों और छात्रों को हटाने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। यही नहीं, पुलिस ने हंगामा कर रहे आइसा के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है।
दरअसल, यूजीसी ने डीयू में चार वर्षीय ग्रेजुएशन कोर्स को समाप्त कर तीन वर्षीय पाठ्यक्रम लागू करने का आदेश दिया था, लेकिन डीयू के वीसी ने इससे इंकार कर दिया और जब विवाद बढ़ा तो उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
वीसी के इस्तीफा देने के बाद यूजीसी ने बुधवार को आदेश जारी करते हुए कॉलेजों से दाखिला प्रक्रिया शुरू करने को कहा था लेकिन कॉलेजों ने ऐसा नहीं किया।