दिल्ली विश्वविद्यालय में जल्द ही छात्र एक सेमेस्टर की पढ़ाई विदेशी संस्थान में कर सकेंगे। ट्विन डिग्री व्यवस्था के तहत छात्रों को अंतिम वर्ष के सेमेस्टर को विदेशी संस्थान में पूरा करने का अवसर मिलेगा। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए बनी कमेटी ने अपनी सिफारिशें दे दी हैं। सिफारिशों को आगामी 27 दिसंबर को होने वाली अकादमिक परिषद की बैठक में रखा जाएगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत चार वर्षीय स्नातक प्रोग्राम (एफवाईयूपी) के पहले बैच के छात्रों को यह अवसर दिया जाएगा। इस ट्विन डिग्री व्यवस्था के तहत कुछ चयनित विदेशी संस्थानों में एक सेमेस्टर को पूरा करने का विकल्प दिया जाएगा। कमेटी की सिफारिशों के अनुसार सत्र 2022-23 के तहत जिन छात्रों ने स्नातक में दाखिला लिया था, उन्हें अपने सातवें सेमेस्टर में एक विदेशी विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने की सुविधा मिलेगी।
पहले वर्ष के छात्र तीसरे व पांचवें सेमेस्टर के दौरान और दूसरे वर्ष के छात्र पांचवें व सातवें सेमेस्टर में विदेश जा सकेंगे। इस तरह से उनका एक सेमेस्टर वहां से पूरा होगा। इसमें उन्हें न्यूनतम 12 क्रेडिट और अधिकतम 26 क्रेडिट मिलेंगे। विद्यार्थियों को दिल्ली विश्वविद्यालय से ही डिग्री मिलेगी। इस ट्विन डिग्री व्यवस्था से आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को लाभ होगा। दरअसल डीयू इस श्रेणी के एक या दो छात्रों को विदेश भेजने की तैयारी कर रहा है।
विश्वविद्यालय का अंतरराष्ट्रीय संबंध कार्यालय इस व्यवस्था के लिए विदेशी संस्थानों से सहयोग करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। इसके लिए वह वहां के पाठ्यक्रम शुल्क, छात्र चिकित्सा बीमा, आवास और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर बातचीत करेगा। सिफारिशों के अनुसार डीयू विदेशी विश्वविद्यालय के साथ क्रेडिट को मैप करने के लिए एक अकादमिक विशेषज्ञ समिति भी गठित करेगा। यदि कोई छात्र विदेशी विश्वविद्यालय में सेमेस्टर में फेल हो जाता है, तो छात्रों को अकादमिक विशेषज्ञ समिति द्वारा चर्चा के बाद अनुशंसित क्रेडिट प्रदान किए जाएंगे।