अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने शुक्रवार को हाईकोर्ट को सूचित किया कि छात्रसंघ (डीयूएसयू) चुनाव लड़ने के लिए कोई राशि जमा करने की पूर्व-शर्त नहीं है। यह बयान न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा की पीठ के समक्ष दिया गया, जो एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में दावा किया गया था कि विश्वविद्यालय की एक अधिसूचना में डीयूएसयू चुनाव लड़ने के लिए एक लाख रुपये की सिक्योरिटी बॉन्ड जमा करने की शर्त रखी गई है।
डीयू के वकील ने अदालत को बताया कि विश्वविद्यालय सिक्योरिटी बॉन्ड के साथ एक हलफनामा स्वीकार करेगा और कोई राशि जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। अदालत ने इस बयान पर संज्ञान लेते हुए याचिका का निपटारा कर दिया। याचिका में दावा किया गया था कि अधिसूचना में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को संपत्ति क्षति या उल्लंघन के लिए बॉन्ड निष्पादित करने का निर्देश दिया गया है, जो उम्मीदवारों या उनके समर्थकों द्वारा किए जा सकते हैं। याचिका में यह भी कहा गया था कि यह शर्त लिंगदोह समिति की सिफारिशों के खिलाफ है। दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों अंजलि और अभिषेक कुमार द्वारा याचिका दायर की गई थी, जो डूसू चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं।