देबोस्मिता पॉल के हिस्से आई थी करोड़ों प्रॉपर्टी
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में देबोस्मिता के परिवार की करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी है। परिवार की सहमति से बर्धवान का मकान देबोस्मिता के हिस्से में आया था। इस मकान में राम प्रसाद का परिवार रह रहा था। देबोस्मिता ने उनसे मकान खाली करने के लिए कहा तो वह आनाकानी करने लगा। बार-बार कहने के बाद भी जब राम प्रसाद ने मकान खाली नहीं किया तो कुछ दिनों पूर्व देबोस्मिता ने दंपती को चेतावनी दी। इस बात से खफा होकर दंपती ने देबोस्मिता की हत्या की साजिश रच डाली। 2 जून को ट्रेन में सवार होकर दंपती नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां उन्होंने सत्यम अपार्टमेंट से चंद किलोमीटर दूर दल्लूपुरा के एक गेस्ट हाउस में फर्जी आईडी के आधार पर एक कमरा लिया।
सिर पर मारा मूसल और उस्तरे से काटी कलाई
कमरे के लिए किसी सतीश और सोमा चौधरी की आईडी का इस्तेमाल किया गया। 2 जून की रात गेस्ट हाउस में बिताने के बाद आरोपियों ने अगली सुबह हत्या की साजिश रची। इसके बाद दंपती अपने 13 साल के बेटे को लेकर कैब से सत्यम अपार्टमेंट पहुंचे। कैब चालक से वह कुछ देर में आने की बात कर अंदर चले गए। जाते समय आरोपियों ने अपार्टमेंट की सीढ़ियों का इस्तेमाल किया। देबोस्मिता ने जैसे ही दरवाजा खोला तो दंपती को सामने पाया। देबोस्मिता ने उनको अंदर बुला लिया। कुछ देर की बातचीत के बाद आरोपियों ने बैग से लोहे का मूसल निकालकर देबोस्मिता के सिर पर वार किया। बाद में मौत कंफर्म करने के लिए उनकी हाथ की कलाई को उस्तरे से काट दिया गया। किसी को शक न हो इसके लिए आरोपियों ने फ्लैट के भीतर अपने कपड़े बदले। इसके बाद वापस जाते समय इन लोगों ने लिफ्ट का इस्तेमाल किया। वापस अपार्टमेंट के गेट से यह लोग बाहर खड़ी कैब में सवार हुए और सीधे आनंद विहार की ओर निकल गए। पुलिस ने तीन दिनों के भीतर केस की गुत्थी को सुलझा लिया है।
नाबालिग के कपड़े नहीं बदले तो पुलिस को हुआ शक
अपार्टमेंट में जाते समय आरोपियों ने अपने चेहरे को मास्क से कवर किया था। पुलिस से बचने के लिए ही वह अपने साथ बेटे को लेकर अए थे। पुलिस ने सीसीटीवी की पड़ताल की तो पता चला कि दंपती ने अंदर जाते समय अलग कपड़े पहने थे, जबकि बाहर आते समय उनके कपड़े बदले हुए थे, लेकिन नाबालिग के कपड़े वही थे। पुलिस को दंपती पर शक हुआ। अंदर जांच करने पर लिफ्ट के सीसीटीवी कैमरे में भी आरोपी कैद हुए थे। पुलिस ने दंपती को आनंद विहार ले जाने वाले कैब चालक का पता लगाकर उससे पूछताछ की तो उसने खुलासा किया कि दंपती ने उससे कहा था कि वह अपने घर से कपड़े बदलकर वापस आ रहे थे तब तक वह इंतजार करे। पूछताछ के बाद पुलिस को शक हुआ। इसके बाद आनंद विहार से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के कैमरों में आरोपी कैद मिले। एक टीम को फौरन पश्चिम बंगाल हवाई जहाज से भेजा गया। वहां बर्धवान रेलवे स्टेशन पर आरोपी कैमरे में कैद मिले। सीसीटीवी की मदद से टीम उनके घर पहुंची और उनको दबोच लिया।