दिल्ली में डीयू की प्रोफेसर की हत्या में चार नकाबपोशों की पहचान पहेली बनी हुई है। प्रोफेसर ने आखिरी बार बुधवार दोपहर करीब एक बजे अपनी मां से फोन पर बात की थी। पुलिस जांच में जुटी है।
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) की असिस्टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल की हत्या में पुलिस को महिला समेत चार संदिग्धों की तलाश है। जिसमें दो नकाबपोश महिला और पुरुष हैं जिनकी पहचान करने में पुलिस जुटी है। जांच में यह बात सामने आई कि प्रोफेसर ने आखिरी बार बुधवार दोपहर करीब एक बजे अपनी मां से फोन पर बात की थी। जांच टीम का मानना है कि उनकी हत्या दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे के बीच हुई होगी।
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पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट में रहने वाली डीयू की महिला असिस्टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल (45) की बेरहमी से सिर पर भारी वस्तु से हमला कर की गई। लेकिन पुलिस को घटनास्थल से कोई हथियार नहीं मिला है।
जांच में पता चला है कि मूलत: पश्चिम बंगाल की रहने वाली प्रोफेसर को बृहस्पतिवार को पदोन्नति साक्षात्कार के लिए जाना था। सुबह करीब 9:30 बजे उनका चालक गाजीपुर निवासी संजय आया। 10 बजे तक प्रोफेसर के नहीं आने पर संजय ने उन्हें फोन किया।
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उनके फोन पर बेल जा रही थी, लेकिन वह उठा नहीं रही थी। उनके फ्लैट के पास गया तो दरवाजा पर ताला लगा हुआ देखा। तब संजय ने उनकी बहन देवराती पॉल (49) को फोन कर बताया। देवराती पॉल ने भी कई बार फोन किया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। तब वह अपार्टमेंट में पहुंची।
फिर आरडब्ल्यूए से ताला तोड़ने को कहा। आरडब्ल्यूए वालों ने पुलिस को सूचना देने के लिए कहा। वह न्यू अशोक नगर थाने में जानकारी देकर वापस अपार्टमेंट में आई और दरवाजा पर लगे ताला को तोड़ा। ताला तोड़ अंदर जाने पर वह सोफे के पास मृत अवस्था में पड़ी मिली। उन्होंने जानकारी पुलिस को दी।
चार लोगों पर है हत्या करने का शक
पुलिस के अधिकारिक सूत्रों ने कहा कि आरोपियों की तलाश के लिए सात टीम गठित की गई है। तीन टीमें यूपी, हरियाणा और दूसरे राज्य में गई है। चार टीमें दिल्ली में छापेमारी कर रही है। पुलिस ने जांच के दौरान अपार्टमेंट के सीसीटीवी कैमरे की जांच कर 180 लोगों की जानकारी हासिल की। जिसमें से 167 की पहचान कर ली गई है। 13 अन्य संदिग्धों की पहचान की कोशिश की जा रही है। इसमें भी चार मुख्य संदिग्ध है, जो कैब में दिखाई पड़े हैं। जिसमें महिला भी शामिल है।
पोस्टमार्टम कराकर शव सौंपा
शुक्रवार को पुलिस ने लालबहादुर शास्त्री अस्पताल में प्रोफेसर के शव का पोस्टमार्टम कराया। इस दौरान उनकी सिर्फ बहन देवराती पॉल और उनके भाई रत्ना विश्वास पॉल मौजूद थे। देवराती पॉल अमेठी में प्रोफेसर है, जबकि रत्ना विश्वास पॉल नोएडा स्थित मैक्स अस्पताल में डॉक्टर हैं।
पूर्वी दिल्ली में संदिग्ध हालात में मृत मिली विवाहिता
वहीं, एक अन्य मामले में पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर इलाके में 21 वर्षीय एक विवाहिता अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई। महिला का शव गाजीपुर गांव की गोपाल गली स्थित मकान की चौथी मंजिल पर सोफे पर पड़ा मिला। गाजीपुर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार बृहस्पतिवार दोपहर करीब तीन बजे पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) को सूचना मिली कि एक घर के भीतर एक महिला मृत अवस्था में पड़ी है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि मृत्यु के सही कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मृतका की शादी अक्टूबर 2025 में 26 वर्षीय तरुण नामक व्यक्ति से हुई थी। पुलिस ने यह भी पाया कि घटना के समय घर में तरुण का 23 वर्षीय छोटा भाई सुमित मौजूद था, जो मृतका का देवर है।