दिल्ली विश्वविद्यालय में पीजी में दाखिले के लिए सीयूईटी स्कोर के आधार पर बनी मेरिट से छात्र को एक ही सीट आवंटित की जाएगी। दाखिला लेने के लिए छात्रों को इस सीट को स्वीकार करना होगा। यदि वह सीट को स्वीकार नहीं करते तो वह कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम 2024 से बाहर हो जाएंगे। ऐसे में छात्रों को जो भी सीट आवंटित हो उसे एक बार जरूर स्वीकार करें। बाद में उसे अपग्रेड कर सकते हैं। वहीं, यदि डीयू में दाखिले के इच्छुक छात्र आवेदन फॉर्म में किसी प्रकार की गलत सूचना देते हैं तो उनका दाखिला रद हो सकता है।
डीयू की ओर से पीजी दाखिले को लेकर आयोजित वेबिनार में छात्रों को यह जानकारी दी गई। दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 82 स्नातकोत्तर प्रोग्राम में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है, जो कि 25 मई को समाप्त होगी।। ऐसे में छात्रों को आवेदन प्रक्रिया, दाखिला पॉलिसी, दस्तावेजों, सुधार विंडो व दाखिले से जुड़ी जानकारी प्रदान करने के लिए एक ऑनलाइन वेबिनार आयोजित किया गया। डीयू दाखिला डीन प्रो. हनीत गांधी व संयुक्त दाखिला डीन डॉ. अमित पुंडिर ने छात्रों को जानकारी दी।
वेबिनार में छात्रों को सलाह दी गई कि वह किसी भी जानकारी को प्राप्त करने के लिए वेबसाइट को जरूर देखते रहें। प्रो गांधी ने वेबिनार में कहा कि यदि किसी छात्र के दस्तावेज अब तक तैयार नहीं हुए हैं तो वह अब दस्तावेज तैयार कर लें। छात्रों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि ओबीसी व ईडब्ल्यूएस के प्रमाणपत्र 31 मार्च 2024 के बाद के ही स्वीकार किए जाएंगे, इसलिए इन्हें अपडेट करा लें। वहीं आवेदन करने वाला छात्र आवेदन के लिए जिसका भी बैंक खाते की जानकारी देगा उसका पैन कार्ड भी अनिवार्य होगा। आवेदन के समय छात्रों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आवेदन के समय अभिभावकों के नाम, श्रेणी, मोबाइल नंबर, बैंक खाता, जाति, को ध्यान से भरें। एक बार इन्हें भर दिया तो इनमें बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
दाखिले के लिए दस्तावेज छात्र के नाम पर होने चाहिए
डीयू में जब कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम सीएसएएस के लिए आवेदन करेंगे तब छात्र के पास जरूरी दस्तावेज होना जरूरी है। यह दस्तावेज छात्र के नाम पर बने होने चाहिए। यदि छात्र के नाम पर नहीं हैं तो उन्हें बनवा लें। डीयू के इंर्फोमेशन बुलेटिन में जिस तरह से दस्तावेज बनवाने के लिए कहा गया है उसी के हिसाब से दस्तावेज बनवाएं।
डैशबोर्ड पर भी मिलेगी सीटों की जानकारी
प्रो हनीत गांधी ने बताया कि कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम के तहत सीट आवंटन करने के लिए तीन राउंड किए जाते हैं। हर राउंड से पहले बची हुई सीटों की जानकारी वेबसाइट पर अपलोड की जाती है। इस बार छात्रों के डैशबोर्ड पर भी खाली सीटों की जानकारी अपलोड करने की तैयारी की जा रही है। ताकि छात्रों को यह पता हो कि कहां कितनी सीटें खाली हैं।