-कॉलेज संसाधनों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने के लिए लिया गया फैसला
-शिक्षकों के लिए 40 घंटे प्रति सप्ताह कार्य अवधि होगी लागू
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में अब कॉलेज-संस्थान सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक खुलेंगे। डीयू ने कॉलेज के संसाधनों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने के लिए यह फैसला लिया है। डीयू ने इस संबंध में निर्देश भी जारी किए हैं। इसके साथ ही शिक्षकों के लिए 40 घंटे प्रति सप्ताह कार्य अवधि लागू की जा रही है। इन दोनों फैसले पर शिक्षक आपत्ति जता रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि इन फैसलों से शिक्षक और छात्र दोनों पर अनावश्यक बोझ पड़ेगा।
डीयू की ओर से 31 जुलाई को एक नोटिफिकेशन के माध्यम से स्पष्ट किया है कि 12 जुलाई को कार्यकारी परिषद की बैठक में विचार-विमर्श किए जाने के बाद यह फैसला लिया गया है। इस बैठक में नए शैक्षणिक सत्र में चौथे वर्ष के कार्यान्वयन से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया था। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत स्नातक पाठ्यक्रम रूपरेखा 2022 के चौथे वर्ष की शुरुआत हो गई है। इस तरह से काफी छात्रों ने चौथे वर्ष में प्रवेश लिया है।
डीयू ने नोटिफिकेशन के माध्यम से कॉलेजों को सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक कार्य करने की सलाह दी है। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि इसे प्राप्त करने और इस अवधि के दौरान संकाय और कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संकाय और कर्मचारियों की तैनाती को क्रमबद्ध किया जाना चाहिए। शिक्षक संगठन इंटेक के चेयरमैन डॉ. पंकज गर्ग ने कहा कि हम इन कदमों का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान ढांचा पहले से ही दबाव में है और केवल समय बढ़ाने से कोई ठोस परिणाम नहीं मिलेगा, बल्कि यह अकादमिक वातावरण को नुकसान पहुंचा सकता है।
संस्थान का समय बढ़ाने का कोई ठोस शैक्षणिक आधार नहीं है। इससे शैक्षणिक ध्यान भटक सकता है और शिक्षक व छात्रों दोनों पर अनावश्यक बोझ पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि महिला शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्राओं के लिए यह कदम समस्याजनक हो सकता है, खासकर जब सुरक्षित और विश्वसनीय परिवहन व कैंपस सुरक्षा का कोई समुचित प्रबंध न हो। यह निर्णय शिक्षकों के संगठन, कर्मचारियों के संघ और छात्र प्रतिनिधियों से बिना परामर्श के लिया गया प्रतीत होता है।