फीस संशोधन कमेटी की सिफारिशों को कुलपति की मंजूरी के बाद इसे शनिवार को होने जा रही कार्यकारी परिषद की बैठक में रिपोर्टिंग आइटम के रूप में रखा जाएगा। बीटेक के इस साल के फीस ढांचे पर नजर डालें तो फीस में वार्षिक आठ हजार रुपये की बढ़ोतरी होगी। वर्तमान में बीटेक की फीस वार्षिक 2,16,000 है जिसे बढ़ाकर 2,24,000 किया जाएगा। लॉ प्रोग्राम में वर्तमान फीस 1,90,000 है जोकि बढ़कर 1,99,700 हो जाएगी। एनसीवेब के बीए व बीकॉम प्रोग्राम में जो फीस 3200-3600 तक है, वह बढ़कर 7,130 रुपये तक हो जाएगी। इस तरह से विभिन्न पाठ्यक्रमों में बढ़ोतरी दो हजार से लेकर 9 हजार रुपये तक की है।
डीयू की कार्यकारी परिषद के सदस्य अमन कुमार ने बताया कि इस फीस बढ़ोतरी को नियम 11जी के तहत कार्यकारी परिषद की बैठक में रिपोर्टिंग आइटम के रूप में रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह से फीस बढ़ोतरी करना अनुचित है क्योंकि इससे निम्न वर्ग व उच्च मध्य वर्गीय छात्रों पर ज्यादा प्रभाव पड़ेगा। डीयू एक केंद्रीय विश्वविद्यालय है और यहां निम्न आय वर्ग वाले छात्र भी कम फीस में पढ़ पाते हैं लेकिन फीस बढ़ोतरी करने से उनकी पढ़ाई पर असर पड़ेगा। बीटेक पाठ्यक्रमों सहित विभिन्न कार्यक्रमों की फीस संरचना में निरंतर वृद्धि ठीक नहीं है। छात्रों द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय को चुनने का एक कारण इसकी फीस संरचना है लेकिन हाल ही में दो वर्षों में विश्वविद्यालय ने उच्च फीस संरचना वाले पाठ्यक्रम शुरू किए हैं और उनमें भी वृद्धि शुरू हो गई है। विश्वविद्यालयों को स्व-वित्तपोषित पाठ्यक्रमों को शुरू करने के लिए कहा जा रहा है जिससे केंद्रीय विश्वविद्यालयों का व्यवसायीकरण और निजीकरण हो रहा है। इस तरह से आर्थिक रूप से गरीब वर्ग के छात्र कहां जाएंगे।