दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज इंद्रप्रस्थ महिला महाविद्यालय में सांस्कृतिक उत्सव के दौरान हुई घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी अगले एक सप्ताह में जांच के बाद रिपोर्ट सौंपेगी। डीयू के रजिस्ट्रार ने इसे लेकर एक निर्देश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि 29 मार्च को इंद्रप्रस्थ महिला महाविद्यालय में सांस्कृतिक उत्सव के दौरान हुई घटना की जांच के लिए समिति का गठन किया है।
हिरासत में लिए जाने के विरोध में छात्रों ने किया प्रदर्शन
क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने अन्य छात्र और महिला संगठनों के साथ सोमवार को कॉलेज गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने कहा कि फेस्ट के दौरान हुए यौन-उत्पीड़न को प्रिंसिपल ने नजरअंदाज किया। सुरक्षा को लेकर पुलिस विफल रही। पुलिस ने छात्र-छात्राओं को चिन्हित कर प्रदर्शन शुरू होने से पूर्व ही हिरासत में लेना शुरू कर दिया। उन्हें अलग-अलग थाने ले जाया गया। वहीं इस संबंध में दिल्ली पुलिस का कहना है कि सुबह 11 बजे आईपी कॉलेज के सामने 15-20 प्रदर्शनकारी एकत्रित हुए थे और प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने इनसे प्रदर्शन न करने के लिए कहा, लेकिन ये नहीं माने। दोपहर 12:40 से दोपहर एक बजे तक पुलिस ने 27 प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाकर बुराड़ी थाने पहुंचाया, जहां से उन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।
इसके अलावा दोपहर 12.30 बजे दिल्ली विश्वविद्यालय के आर्ट फैकल्टी के बाहर प्रदर्शन की सूचना पुलिस को मिली थी, लेकिन वहां कोई नहीं पहुंचा। दोंनो ही जगह हालत सामान्य रहे। छात्रों ने प्रिंसिपल को तुरंत बर्खास्त करने व कॉलेज प्रशासन के अन्य अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गार्गी कॉलेज में प्रशासन ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही उत्सव के समय को कम करने की योजना बना रहा है। इसका विरोध करते हुए एसएफआई गार्गी ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उत्सव का आयोजन किया जाए। प्रशासन कार्यालय के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन में 500 से अधिक छात्र शामिल हुए। अधिकारियों से जवाब मिलने तक इसे जारी रखा जाएगा।