मिड एंट्री में ही मिल सकेगा आवेदन का मौका, दाखिले के लिए बारहवीं पास होना अनिवार्य
रश्मि शर्मा
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में इस वर्ष सीबीएसई 12वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के लिए स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले की राह कठिन हो सकती है। स्नातक प्रोग्राम में दाखिले के लिए जारी आवेदन प्रक्रिया में कंपार्टमेंट वाले छात्र आवेदन नहीं कर सकते हैं। ऐसे छात्र कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (सीएसएएस) में मिड एंट्री के माध्यम से प्रवेश कर सकेंगे। यह मिड एंट्री अगस्त के पहले सप्ताह तक खुलेगी।
सीबीएसई की कंपार्टमेंट परीक्षा 28 जुलाई को है और तब तक डीयू के दाखिले के दो सीट आवंटन राउंड संपन्न हो जाएंगे। ऐसे में दाखिला केवल उन्हीं पाठ्यक्रमों में मिल सकेगा, जहां सीटें होंगी। डीयू में दाखिले के लिए केवल सीयूईटी स्कोर ही काफी नहीं है बल्कि बारहवीं में पास होने की भी अनिवार्यता है। विश्वविद्यालय की स्नातक प्रवेश प्रक्रिया के तहत पहले दो सीट आवंटन राउंड पूरे होने के बाद ही ऐसे विद्यार्थियों को आवेदन करने का अवसर मिलेगा। इसके बाद भी दाखिला केवल उन्हीं पाठ्यक्रमों और कॉलेजों में संभव होगा, जहां सीटें रिक्त होंगी।
सीबीएसई 12वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा 28 जुलाई को होगी। परिणाम अगस्त के पहले या दूसरे सप्ताह में आने की संभावना है। ऐसे में जब तक परिणाम घोषित होंगे तब तक डीयू की प्रवेश प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी होगी। इस कारण से वह सीट आवंटन प्रक्रिया का हिस्सा बनने से वंचित रह सकते हैं। कंपार्टमेंट परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थी परिणाम घोषित होने के बाद अपने अंकों को सीएसएएस कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम पोर्टल पर अपडेट कर सकेंगे।
अगर समय से कंपार्टमेंट का रिजल्ट आ जाता है तो विद्यार्थियों को केवल उन पाठ्यक्रमों और कॉलेजों के लिए ही विचार किया जाएगा जहां सीटें रिक्त बची होंगी। यदि किसी लोकप्रिय पाठ्यक्रम या कॉलेज की सभी सीटें भर जाती हैं तो वहां प्रवेश की संभावना नहीं रहेगी। विश्वविद्यालय की डीन (एडमिशन) प्रो. हनीत गांधी ने कहा कि कंपार्टमेंट वाले छात्र मिड एंट्री में आवेदन कर सकते हैं लेकिन उनका बारहवीं पास होना जरूरी है। उन्हें सीट का आवंटन भी तभी होगा जब कॉलेज में सीटें होंगी। कंपार्टमेंट परीक्षा उत्तीर्ण कर लेने मात्र से प्रवेश सुनिश्चित नहीं होगा। अभिभावक भी मानते हैं कि यदि छात्र कंपार्टमेंट परीक्षा देकर बारहवीं में सफल भी हो जाता है लेकिन कंपार्टमेंट परिणाम में देरी के कारण उन्हें नियमित प्रवेश प्रक्रिया में दाखिला पाने से वंचित होना पड़ सकता है।