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DU Admission: डीयू में दाखिले के लिए 50 हजार से अधिक पंजीकरण, इस बार कटऑफ में छात्राओं को नहीं मिलेगी छूट

Thu, 15 Sep 2022 08:51 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली

सार

दिल्ली विश्वविद्यालय में तीन दिन पहले शुरू हुई पंजीकरण प्रक्रिया में डीयू की 70 हजार सीटों के लिए 50 हजार से अधिक पंजीकरण किए जा चुके हैं। पंजीकरण प्रक्रिया तीन अक्टूबर तक चलेगी, ऐसे में पंजीकरण की संख्या अभी और बढ़ेगी।
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दिल्ली विश्वविद्यालय - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक में दाखिले के लिए पंजीकरण जारी है। तीन दिन पहले शुरू हुई पंजीकरण प्रक्रिया में डीयू की 70 हजार सीटों के लिए 50 हजार से अधिक पंजीकरण किए जा चुके हैं। पंजीकरण प्रक्रिया तीन अक्टूबर तक जारी रहेगी, ऐसे में पंजीकरण का आंकड़ा काफी बढ़ने की संभावना है। मालूम हो कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के कॉमन यूनिवर्सिटी टेस्ट के आवेदन फॉर्म में करीब छह लाख 14 हजार छात्रों ने डीयू को अपने प्राथमिकता विकल्प के रूप में चुना है। इससे पहले मंगलवार को 34, 039 छात्रों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया था। जबकि सोमवार को यह संख्या करीब 20 हजार थी।

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प्रवेश में छात्राओं को नहीं मिलेगी छूट
दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक कोर्सेज की कटऑफ में छात्राओं को मिलती आ रही छूट इस बार नहीं मिलेगी। लगभग बीस कॉलेज छात्राओं को करीब एक से पांच फीसदी की छूट देते थे। इस साल डीयू में दाखिले कटऑफ की जगह सीयूईटी स्कोर से होने के कारण इस व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। लड़कियों को उच्च शिक्षा में आगे बढ़ावा देने के लिए यह छूट दी जाती थी। डीयू दाखिले से जुड़े अधिकारियों के अनुसार इस सत्र से दाखिले कटऑफ की जगह कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेस टेस्ट (सीयूईटी) के स्कोर के आधार पर तैयार होने वाली मेरिट से किए जाएंगे। 
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इस बार डीयू कोर्स की योग्यता के अनुसार जारी करेगा मेरिट
डीयू का तर्क है कि इसी कारण से इस व्यवस्था को समाप्त किया गया है। वहीं, छात्रों के अनुपात में छात्राओं की संख्या भी अधिक है। इस तरह से पहले से ही छात्र-छात्राओं की संख्या के बीच संतुलन बना हुआ है। इस कारण से इस व्यवस्था को जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है। चूंकि इस बार सीयूईटी की ओर से जारी स्कोर से डीयू कोर्स की योग्यता के अनुसार मेरिट जारी करेगा। ऐसे में मेरिट तैयार करने में कॉलेज की भूमिका खत्म हो गई है। जबकि बीते साल तक प्रत्येक कॉलेज अपनी-अपनी कटऑफ जारी करते थे। मालूम हो कि बीते साल तक यदि किसी कॉलेज में किसी कोर्स की कट ऑफ 98 फीसदी होती थी तो छात्रा को एक फीसदी की छूट मिलने के कारण यह कट ऑफ 97 फीसदी हो जाती थी।
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