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डीयू के कार्यकारी परिषदों ने वीसी को लिखा पत्र, पात्रता मानदंड में किए गए बदलाव को बताया 'मनमाना'

Fri, 07 Jun 2019 09:04 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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DU Admission - फोटो : फाइल फोटो
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दिल्ली विश्वविद्यालय के अकादमिक और कार्यकारी परिषदों के सदस्यों ने कुलपति को विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए पात्रता मानदंड में किए गए बदलावों को मनमाना और अनुचित करार दिया है और पत्र लिखकर इसमें बदलाव करने की मांग की है। 

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इनका कहना है कि पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने के लिए पात्रता मानदंड में किए गए बदलाव के बारे में छात्रों को कोई जानकारी नहीं है। कई छात्रों ने बीए (ऑनर्स) अर्थशास्त्र पाठ्यक्रम में दाखिला लेने के लिए पात्रता मानदंड में किए गए बदलाव के बारे में पूछा भी है। 

पिछले वर्ष तक यदि किसी छात्र के  गणित में 50 प्रतिशत अंक थे तो वह अर्थशास्त्र में बीए (ऑनर्स) के लिए आवेदन कर सकता था, लेकिन इस साल दाखिला लेने के लिए 'बेस्ट ऑफ फोर' को अनिवार्य कर दिया गया है, जिसका मतलब है कि शीर्ष चार विषयों में एक मैथ्स होना चाहिए। 
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इसी तरह, बीकॉम (ऑनर्स) में दाखिला लेने के लिए गणित/ व्यावसायिक गणित में 45 प्रतिशत अंक अनिवार्य थे। लेकिन इस साल किए गए बदलाव के अनुसार बीकॉम (ऑनर्स) में दाखिला लेने के लिए छात्र के गणित/ व्यावसायिक गणित में 50 प्रतिशत और 'बेस्ट ऑफ फोर' को मिलाकर 60 प्रतिशत अंक होने चाहिए। 

"हम, अकादमिक और कार्यकारी परिषदों के निम्नलिखित सदस्य, विभिन्न यूजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पात्रता मानदंड में भारी बदलाव की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।

पत्र में कहा गया है, "हम बुनियादी मानदंडों में इन बड़े बदलावों को देखकर चौंक गए हैं। यहां यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इन परिवर्तनों को अकादमिक परिषद की मंजूरी नहीं है।" इस पत्र पर दोनों परिषदों में शामिल जेएल गुप्ता, राजेश झा, सीमा दास, सुधांशु और प्रदीप कुमार के हस्ताक्षर हैं।

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