इसके अनुसार फेलोशिप दावों को बीएएस पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार पूरा किया जाएगा। अगर छात्र किसी कारण से बीएएस पर उपस्थिति दर्ज नहीं कर पा रहा है तो वास्तविक कारणों को पीएचडी पर्यवेक्षक प्रमाणित करेंगे। साथ ही बीएएस के काम न करने की स्थिति में छात्र की उपस्थिति को भी पीएचडी पर्यवेक्षक प्रमाणित करेगा।
छात्रों को सुबह आठ बजे से लेकर रात 11 बजे तक की अवधि में बीएएस मशीन पर उपस्थिति दर्ज करनी होगी। इसके लिए प्रतिदिन सात कार्य घंटों की समय सीमा तय की गई है। उपस्थिति छूटने पर अवकाश पर जाएगा माना : छात्र से चार बार उपस्थिति छूटने पर उसे एक दिन के अवकाश पर माना जाएगा और उसी अनुसार समायोजित किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के फेलोशिप दावों को अकादमिक-पीजी अनुभाग द्वारा पोर्टल से जारी बीएएस रिपोर्ट के अनुसार ही पूरा किया जाएगा। इस संबंध में बाद में कोई अनुरोध स्वीकार नहीं होगा।
13 विभागों में लगी बीएएस मशीन
छात्रों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए डीटीयू के दिल्ली स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, ईसीई, प्रशानिक ब्लॉक, हॉस्टल कार्यालय, स्वास्थ्य केंद्र, लाइब्रेरी और यूएसएमई विभाग में 13 बीएएस मशीन लगाई गई है। अगस्त 2025 सत्र में दाखिला लेने वाले छात्र और पिछले सत्र के छात्रों को अनिवार्य तौर पर उपस्थिति दर्ज करने के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।