फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi NCR News: जोहड़ की जमीन पर डीटीसी को काम न करने के आदेश

विज्ञापन
विज्ञापन
- संबंधित भूमि एक तलाब की है जिस पर अतिक्रमण कर डीटीसी ने किया बस टर्मिनल का निर्माण
विज्ञापन

- एनजीटी में जवाब दाखिल कर उत्तर-पश्चिम जिलाधिकारी ने दी जानकारी
नितिन राजपूत
नई दिल्ली। नजफगढ़ गांव में 30 बीघा 5 बिस्वा जोहड़ की जमीन पर अतिक्रमण कर दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ने बस टर्मिनल बनाया है। साथ ही बहुमंजिला व्यावसायिक भवन भी बनाया हुआ है। इसकी जानकारी खुद दक्षिण-पश्चिम जिले के जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को दी है। जिलाधिकारी ने कहा कि उक्त भूमि जोहड़ (जल निकाय) के रूप में दर्ज है। ऐसे में एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ ने डीटीसी को चेतावनी देते हुए कहा कि वह सुनवाई की अगली तारीख 20 अगस्त तक भूमि पर कोई निर्माण नहीं करें।

अदालत ने कहा कि पूर्व के आदेश के बावजूद डीटीसी व एमसीडी ने जवाब दाखिल नहीं किया है। अदालत ने डीटीसी व दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को दो सप्ताह के अंदर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया। पीठ में न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए. सेंथिल वेल शामिल रहें। मामला शिकायतकर्ता करतार सिंह सहित अन्य की तरफ से दायर आवेदन पर है। याचिका में आरोप लगाया गया कि तलाब की भूमि पर अतिक्रमण कर डीटीसी ने बस टर्मिनल और बहुमंजिला व्यवसायिक इमारत का निर्माण किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वन विभाग से डीटीसी ने नहीं ली एनओसी

जिलाधिकारी ने अदालत को बताया कि डीटीसी ने निर्माण गतिविधि के लिए वन विभाग से किसी भी औपचारिक भू- उपयोग में परिवर्तन (सीएलयू) या एनओसी नहीं ली है। संबंधित भूमि नमभूमि (संरक्षण और प्रबंधन) नियम 2017 के अनुसार पहचान की गई नमभूमि के दायरे में आती है और यह ग्रामसभा की जमीन है। वहीं, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने अपने जवाब में कहा कि जल निकाय 31 मई, 2016 को तत्कालीन दक्षिण दिल्ली नगर निगम (अब एमसीडी) को सौंप दिया गया था। इसका रख-रखाव अब एमसीडी की ही जिम्मेदारी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें