डीटीसी बस चालकों की हड़ताल एक सप्ताह से जारी है। निजी ऑपरेटरों के चालक 2000 रुपये प्रतिदिन भुगतान, दुर्घटना की स्थिति में खर्च चालकों के नाम नहीं होने समेत अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। सभी निजी बस चालक यूनियन के हड़ताल पर जाने के बाद डीटीसी के नियमित चालक बसों का संचालन कर रहे हैं। सोमवार को कार्यालय खुले होने के कारण यात्रियों की संख्या अधिक रही। बसों की कमी के चलते बड़ी संख्या में यात्री मेट्रो में शिफ्ट हुए।
प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों पर सुबह और शाम के व्यस्त समय में यात्रियों की भीड़ बढ़ी रही। अतिरिक्त यात्रियों को संभालने के लिए मेट्रो ने आठ अतिरिक्त ट्रेनें उपलब्ध कराईं और करीब 20 अतिरिक्त फेरे लगाए। इसके बावजूद कई स्टेशनों पर यात्रियों को भीड़ का सामना करना पड़ा। येलो लाइन पर समयपुर बादली से मिलेनियम सिटी सेंटर गुरुग्राम और ब्लू लाइन के प्रमुख स्टेशनों पर दबाव अधिक रहा।
बस स्टॉप पर भी यात्रियों की लंबी कतार
बस चालक यूनियन एकता के महासचिव मनोज शर्मा ने कहा कि चालकों की मांग जायज हैं। शासन जब तक मांगें नहीं मानेगा, हड़ताल जारी रहेगी। वहीं, बसों की संख्या कम होने से कई प्रमुख बस स्टॉप पर यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। देरी से बसें मिलने के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हुई।
यलो और ब्लू लाइन पर सबसे ज्यादा दबाव
पिछले बृहस्पतिवार को हड़ताल के बीच मेट्रो में 88.44 लाख यात्रियों ने सफर किया था। इनमें येलो लाइन पर 20 लाख से अधिक और ब्लू लाइन पर 17 लाख से अधिक यात्री रहे। सोमवार को यात्रियों की संख्या इस आंकड़े को पार करने का अनुमान है।