ग्रेटर नोएडा के पी-4 सेक्टर स्थित मकान से बरामद ड्रग व अन्य सामान
- फोटो : अमर उजाला
टीम के एक अधिकारी के मुताबिक, आरोपियों के तार पूरे एनसीआर से जुड़े हुए हैं। ये नशे और उत्तेजना से जुड़े ड्रग्स तैयार कर एनसीआर में भी आपूर्ति करते हैं। वहीं, विदेशों तक आपूर्ति करने वाले गिरोह के गुर्गे एनसीआर में विभिन्न स्थानों पर रहते हैं। टीम ने ग्रेटर नोएडा के शिक्षण संस्थानों तक भी इनका जाल फैले होने से इंकार नहीं किया है।
विदेश भेजने के लिए टिकट के साथ देते हैं मोटी रकम
टीम को ये भी पता चला है कि गोरखधंधे का मास्टर माइंड व अन्य मुख्यारोपी ड्रग्स विदेश भेजने के लिए अन्य लोगों की मदद लेते हैं। ये भी अधिकांश अफ्रीकी मूल या फिर नाइजीरियाई के ही नागरिक बताए गए हैं। इनमें कई ग्रेटर नोएडा में रह रहे हैं और कुछ एनसीआर के अन्य हिस्सों में रहते हैं। इन लोगों को गिरोह न केवल उनके घर या विदेश में जाने के लिए टिकट उपलब्ध कराता है बल्कि इसके लिए मोटी रकम भी देता है। पकड़ी गई महिला आरोपी ने टीम को बताया था कि उसे 24 किलो से अधिक ड्रग्स ले जाने के लिए दो लाख रुपये मिलने वाले थे।
माधव सिंह, जोनल डायरेक्टर, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने बताया कि, अभी गिरोह का मास्टर माइंड फरार है। इसके अलावा भी कुछ अन्य लोगों को चिहिन्त कर लिया गया है। मास्टर माइंड की गिरफ्तारी के बाद ये पता लगा लिया जाएगा कि स्यूडोफेड्रिन की इतनी बड़ी खेप आरोपियों तक कैसे पहुंच रही थी। स्यूडोफेड्रिन में अन्य केमिकल मिलाकर नशे के अलावा सेक्स उत्तेजना बढ़ाने का भी ड्रग्स तैयार किया जाता है।