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एनसीआर में खूब बढ़ रहा है युवाओं में नशे का मर्ज

Tue, 22 Dec 2015 06:22 PM IST
शाहीद मेवाती/अमर उजाला, गुड़गांव
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राष्ट्रीय राजधानी से मात्र 60 किलोमीटर दूर मेवात में अब पाश्चात्य संस्कृति का ज़हर पहुंचने लगा है। नौंरगपुर सड़क पर अरावली की गोद में तावडू क्षेत्र में कुछ फॉर्म हाउस नशीली रेव पार्टी के आयोजन का गढ़ बनते जा रहे हैं, जिनमें दिल्ली और एनसीआर समेत देश के विभिन्न राज्यों के प्रतिष्ठित परिवारों के युवक-युवतियां अब शामिल होने लगे हैं।
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बता दें कि बीते साल 25 दिसंबर क्रिसमिस की अर्द्व रात्रि तावडू के बिस्सर अकबरपुर क्षेत्र के एक फॉर्म हाउस में नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने गुडगांवा व तावडू पुलिस को साथ लेकर एक बड़ी रेव पार्टी के आयोजन पर छापा मारकर पर्दाफाश किया था।

इस पार्टी में 44 युवक-युवतियों को नशे की हालत में सेवन करते हुए काबू किया था। इनके पास से नशीले मादक पदार्थ भी बरामद हुए थे पार्टी में शामिल कई दर्जन भर युवक-युवतियां अंधेरे और धुंध का फायदा उठाकर भागने में कामयाब हो गए थे।
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अब नया साल आने में चंद दिन शेष है और रेव पार्टी के आयोजक ऐसी वीरान और गुमनाम जगहों पर ऐसे आयोजन करने की पूरी फिराक में हैं, ताकि नशे का कारोबार करके लाखों-करोड़ों रुपए कमा सकें। वहीं हाई प्रोफाइल घरानों से जुड़े युवा ऐसी पार्टियों में अपने निकट महिला मित्रों के साथ नशा और जीवन के दूसरे आनन्द हासिल करने के लिए नया साल और दूसरे मौके का पूरा लुत्फ उठाने का कोई मौका नहीं छोड़ते।

अगर बात तावडू क्षेत्र की करें तो यहां आज भी ऐसे सैंकड़ों फार्म हाउस हैं, जिनके मालिक का स्थानीय ग्रामीणों को नाम तक मालुम नहीं और पुलिस के पास भी इनकी कोई फेहरिस्त नहीं है। पुलिस को ऐसे आयोजन करने वाले फॉर्म हाउसों पर अपनी पैनी नजर रखनी होगी। ताकि क्षेत्र में ऐसा कोई मामला उजागर ना हो।

कब क्या हुआ-
बीते साल 25 दिसंबर की आधी रात 44 युवक-युवतियों को दिल्ली और गुडगांव पुलिस ने तावडू क्षेत्र के एक फॉर्म हाउस में रेव पार्टी करते हुए नशे की हालत में काबू किया था। करीबन 55 युवक युवतियां धुंध व अन्धेरे का फायदा उठाकर भाग निकले थे।

पुलिस ने सात युवकों के पास से चरस, गांजा, कोकिन, हशीशा व कई नशे के मादक पदार्थ बरामद किए थे। जिनके विरूद्व मादक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हे जेल भेजा गया था। जबकि बाकी युवकों युवतियों को ब्लड सेंपल लेने के बाद परिजनों की जमानत पर छोड दिया। पार्टी में  एक विदेशी युवक भी था। पकड़े गए सभी युवक युवतियों की उम्र 20-26 वर्ष के बीच में थी।

सोसल साईट को बनाया था पार्टी में शामिल होने का जरिया। इस पार्टी का आयोजन सोसल साईट के माध्यम से किया गया था। ताकि किसी को कानों कान तक भनक न लगे। लेकिन दिल्ली की नार्कोटिक्स की टीम ने इस पार्टी का खुलासा कर इसका पर्दाफाश किया था।

समाज सेवी बोले-
कस्बा तावडू़ क्षेत्र में ऐसे काफी फॉर्म हाउस हैं। ग्रामीण क्षेत्र में रेव पार्टियों के आयोजन से स्थानीय युवाओं और लोगों के जीवन पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। पिछले साल हुई घटना का दाग अभी तक तावडू़ क्षेत्र के माथे से नहीं धुल पाया है। जिसके लिए यहां के लोगों को शर्मशार होना पड़ता है।-राजेश पटेल, समाज सेवी, गांव बिस्सर-तावडू़।

ऐसे फॉर्म हाउस अश्लील और नशे की दुनिया में युवाओं को धकेल रहे हैं। पुलिस को ऐसे आयोजनों पर निगरानी रखनी होगी, ताकि गुड़गांव के साथ लगते किसी भी ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी नशीली पार्टियों का आयोजन नहीं हो पाए। जिससे आगे कोई दिक्कत न हो सके।-अख्तर अली, समाज सेवी, गांव खोरी-तावडू़।

भारतीय कानून किसी भी सूरत में नशे के कारोबार या इसके सेवन की इजाजत नहीं देता है। अगर किसी फॉर्म हाउस में ऐसी गतिविधियां आयोजित होती हैं, तो यह पुलिस और प्रशासन के लिए भी शर्म की बात है। सरकार और आम लोगों को ऐसे आयोजनों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। जिससे युवा पीढ़ी बिगड़ने से बच सके।-दीपक सतीजा, अधिवक्ता, कस्बा तावड़ू।
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