परिवहन विभाग के सूत्रों की मानें तो खोले जा चुके चारों ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटरों मयूर विहार, विश्वास नगर, सराय काले खां और शकूरबस्ती में लाइसेंस बनने का आंकड़ा करीब 90 फीसदी से 25 फीसदी तक गिर गया है। साथ ही, वहां लाइसेंस बनवाने के लिए टेस्ट में शामिल होने वाले लोगों की संख्या भी करीब 50 फीसदी रह गई है। इन ट्रैक्स को बनाने में मारुति द्वारा 2 करोड़ का निवेश किया गया है। आगामी तीन साल तक इस सिस्टम की देखभाल मारुति ही करेगा।
दिल्ली में कुल 12 जगहों पर ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर खुलने हैं। इनमें मयूर विहार, विश्वास नगर, सराय काले खां और शकूरबस्ती में खुल चुके हैं, जबकि लाडो सराय, राजा गार्डन, हरि नगर, बुराड़ी, लोनी गोल चक्कर, रोहिणी, झड़ौदा कलां और द्वारका में 2 से 4 माह में खुलने की संभावना है। इन सभी सेंटरों को जनवरी 2019 में खोला जाना था।
ऐसे होता है यहां ड्राइविंग टेस्ट
ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटरों पर वैज्ञानिक रूप से तैयार किए गए ट्रैक पर चौपहिया वाहनों के लिए समानांतर पार्किंग, चढ़ाई, फॉरवर्ड-8, रिवर्स एस, ट्रैफिक जंक्शन और एच ट्रैक को पार करना होता है। दुपहिया वाहन चालकों को यहां टेढ़े ट्रैक पर घुमावदार ड्राइविंग का टेस्ट देना होता है। चौपहिया वाहन चालकों की तुलना में दुपहिया वाहन चालकों के लाइसेंस बनने का आंकड़ा ज्यादा है।