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90 से 25 फीसदी गिरा लाइसेंस बनने का आंकड़ा, ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट में फेल हो रहे लोग

Tue, 21 May 2019 05:30 AM IST
देव कश्यप अरुण कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए हाल ही में शुरू किए गए चार ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर दिल्ली वालों को रास नहीं आ रहे हैं। वहां पहुंच रहे लोगों की संख्या में करीब 50 फीसदी गिरावट आई है, जबकि ड्राइविंग टेस्ट में पास होने वालों का आंकड़ा 25 प्रतिशत तक गिरा है। दिल्ली में आठ और ड्राइविंग टेस्ट सेंटर जल्द खुलने वाले हैं। इनके खुलने के बाद पूरी दिल्ली के लिए लाइसेंस बनवाना मुश्किल होने वाला है। 

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ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर पर चारों ओर से कैमरों की निगरानी में ड्राइविंग टेस्ट देना होता है। इसमें असफल होने वाले लोगों में सरकार के प्रति रोष है। उनका कहना है कि टेस्ट के अनुरूप दिल्ली में कहीं भी ट्रेनिंग नहीं दी जाती है। मयूर विहार निवासी अमन वर्मा का कहना है कि दिल्ली सरकार ने ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर तो बना दिए, लेकिन लोगों को यहां पर लिये जाने वाले टेस्ट के बारे में जागरूक नहीं किया। यहां बेहद कम जगह में सीधी दिशा में 8 की शेप और रिवर्स में एस बनाना बेहद मुश्किल है। उन्होंने जहां ड्राइविंग सीखी है, वहां इतनी बारीकी से ड्राइविंग नहीं सिखाई गई। इस स्थिति में  उनका लाइसेंस बनना मुश्किल है।

अमित दुआ का कहना है कि सरकार को इससे पहले लोगों को ट्रेनिंग देनी चाहिए, ताकि लोग समझ सकें कि ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर पर उनका किस तरह के टेस्ट से सामना होगा। आधे लोग तो इस प्रक्रिया को देखकर सेंटर से लौट रहे हैं। यदि ऐसा रहा तो लोगों को बार-बार फीस भरने पर भी टेस्ट में सफलता नहीं मिलेगी।

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नए जगहों पर खुलेंगे आठ और टेस्ट सेंटर

परिवहन विभाग के सूत्रों की मानें तो खोले जा चुके चारों ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटरों मयूर विहार, विश्वास नगर, सराय काले खां और शकूरबस्ती में लाइसेंस बनने का आंकड़ा करीब 90 फीसदी से 25 फीसदी तक गिर गया है। साथ ही, वहां लाइसेंस बनवाने के लिए टेस्ट में शामिल होने वाले लोगों की संख्या भी करीब 50 फीसदी रह गई है। इन ट्रैक्स को बनाने में मारुति द्वारा 2 करोड़ का निवेश किया गया है। आगामी तीन साल तक इस सिस्टम की देखभाल मारुति ही करेगा।
 
दिल्ली में कुल 12 जगहों पर ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर खुलने हैं। इनमें मयूर विहार, विश्वास नगर, सराय काले खां और शकूरबस्ती में खुल चुके हैं, जबकि लाडो सराय, राजा गार्डन, हरि नगर, बुराड़ी, लोनी गोल चक्कर, रोहिणी, झड़ौदा कलां और द्वारका में 2 से 4 माह में खुलने की संभावना है। इन सभी सेंटरों को जनवरी 2019 में खोला जाना था।

ऐसे होता है यहां ड्राइविंग टेस्ट
ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटरों पर वैज्ञानिक रूप से तैयार किए गए ट्रैक पर चौपहिया वाहनों के लिए समानांतर पार्किंग, चढ़ाई, फॉरवर्ड-8, रिवर्स एस, ट्रैफिक जंक्शन और एच ट्रैक को पार करना होता है। दुपहिया वाहन चालकों को यहां टेढ़े ट्रैक पर घुमावदार ड्राइविंग का टेस्ट देना होता है। चौपहिया वाहन चालकों की तुलना में दुपहिया वाहन चालकों के लाइसेंस बनने का आंकड़ा ज्यादा है।
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