कांग्रेस नेता शशि थरूर की पत्नी और जानी-मानी बिजनेसमैन सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में अब नया ट्विस्ट आ गया है।
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दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में मृत पाई गई पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी की मौत के कारणों का अब तक सही खुलासा नहीं हो पाया है। इस मामले में कई वजहें सामने आ रही थीं लेकिन मंगलवार शाम को एम्स के एक बड़े डॉक्टर ने जो आरोप लगाए हैं उससे पूरा मामला पलटता नजर आ रहा है।
सुनंदा मामले में गलत पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने की बात का खुलासा करने वाले डॉक्टर सुधीर गुप्ता इतने दिन क्यों खामोश रहे और अब खुलासे के पीछे क्या है? कहीं इसके पीछे कोई और साजिश तो नहीं?
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कहीं ये पॉलिटिकल स्टंट तो नहीं?
सुनंदा और नीडो तानियन की मौत के मामले में नया खुलासा करने का दावा करने वाले डॉ. सुधीर गुप्ता के बारे में भी कई तरह की चर्चाएं जारी हैं। कहा जा रहा है कि प्रमोशन न होने की वजह से डॉ. गुप्ता नाराज हो गए और उन्होंने ऐसा बयान दिया।
सूत्रों के अनुसार, डॉ. गुप्ता ने भाजपा से नजदीकियां बढ़ाने के लिए यह स्टंट खेला है। क्योंकि इस मामले में गुलाम नबी आजाद का नाम सामने आना इसी ओर इंगित कर रहा है। इस बात से भी नकारा नहीं जा सकता है कि यह सब एक रानजीतिक साजिश के तहत किया जा रहा हो।
सुनंदा की मौत के बाद तरह-तरह के आरोप प्रत्यारोप सामने आते रहे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि सुनंदा पुष्कर ने सुसाइड नहीं किया था उसका मर्डर हुआ था।
डायरेक्टर बनने की चाह में खोली पोल?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. सुधीर गुप्ता डायरेक्टर बनना चाहते थे लेकिन उनकी जगह जब किसी और का प्रमोशन कर दिया गया तो उन्हें यह बता नागवार गुजरी और उन्होंने पूरे मामले का पर्दाफाश करने का निर्णय ले लिया।
यह बात गौर करने वाली है कि डॉ. गुप्ता ने ये आरोप तब लगाए हैं जब उन पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए की सरकार बनने के ठीक तीन दिन पहले उनके साथ एक और विवाद हुआ था।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को लिखे पत्र में उन्होंने जिक्र किया है कि नियमों के खिलाफ जाकर उनकी जगह डॉ. ओपी मूर्ति का प्रमोशन कर दिया गया। वहीं, इस मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि डॉ. सुधीर गुप्ता के आरोपों में दम नहीं है। उनके आरोप निराधार हैं।
डॉक्टर ने पेश किए कई सबूत
दरअसल, एम्स में ट्रामा सेंटर और फोरेंसिक साइंस विभाग के हेड डॉ. सुधीर गुप्ता ने सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल को हलफनामा देकर यह आरोप लगाया कि सुनंदा मामले में उन्हें गलत पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने के लिए बाध्य किया गया है।
इस मामले में उन्होंने पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद का नाम भी आगे किया है। हलफनामे में डॉ. गुप्ता ने कहा है कि बतौर एम्स डायरेक्टर और केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद के पास बहुत सारी शक्तियां थीं जिनका उन्होंने गलत इस्तेमान किया और उनसे जबरन गलत रिपोर्ट बनवाई।
सुनंदा पुष्कर के शव का पोस्टमार्टम करने वाली टीम के मुखिया रहे डॉ. गुप्ता ने कैट से बंद लिफाफे में इस पूरे मामले की रिपोर्ट पेश करने की अनुमति मांगी है। इस मामले में सबूत के तौर पर डॉ. गुप्ता ने एम्स डायरेक्टर और शशि थरूर के बीच ईमेल के जरिए हुई बातचीत भी पेश की है।
बता दें कि सुनंदा पुष्कर दिल्ली के फाइव स्टार होटल में मृत पाई गई थीं। इस घटना के पहले उनकी पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार के साथ ट्विटर पर जमकर नोकझोंक हुई थी।
सुनंदा ने आरोप लगाया था कि मेहर और शशि थरूर के बीच प्रेम संबंध है। जबकि मेहर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया था।
सुनंदा की मौत के बाद आई विसरा रिपोर्ट में बताया गया कि सुनंदा की मौत ड्रग ओवरडोज से हुई है।