डॉ. अजय कुमार
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डॉक्टरों को भगवान का दर्जा दिया जाता है। इस समय वे कोरोना जैसी बीमारी से जान की बाजी लगाकर अग्रिम पंक्ति में जूझ रहे हैं। वहीं पूर्वी दिल्ली नगर निगम की मोबाइल हेल्थ सर्विसेज के इंचार्ज डॉ. अजय कुमार मरीजों की सेवा के साथ अपने सामाजिक सरोकार भी बखूबी निभा रहे हैं। वे 10 साल से झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बच्चों को निशुल्क शिक्षा दे रहे हैं। यही नहीं, गर्मी के छुट्टियों में वे अपने खर्च पर बच्चों को दिल्ली से बाहर का टूर भी कराते हैं। प्रचार-प्रसार से दूर रहकर वे यह सब कुछ व्यक्तिगत स्तर पर ही करते हैं।
पूर्वी दिल्ली के नंद नगरी इलाके में रहने वाले डॉ. अजय कुमार (46) फिलहाल एक डिस्पेंसरी में तैनात हैं। वे रोज मरीजों का इलाज करते हैं। ड्यूटी के बाद वे रोज बच्चों को पढ़ाते हैं। डॉ. अजय के मुताबिक, वे करीब 45 बच्चों को पढ़ाते हैं। जब उन्होंने इसकी शुरुआत की थी तो ये बच्चे तीसरी-चौथी कक्षा में थे। अब ये 11वीं और 12वीं कक्षा में आ गए हैं। इनमें से कई बच्चों का प्रदर्शन काफी बेहतर है।
डॉ. अजय के मुताबिक, इनके लिए उन्होंने नंद नगरी इलाके की एक डिस्पेंसरी में कक्षा बना रखी है। बच्चों के मनोरंजन के लिए भी वे कई प्रकार की गतिविधियां करते हैं। सभी बच्चे बेहद गरीब परिवारों से हैं। किसी के पिता रिक्शा चलाते हैं तो किसी के पिता दिहाड़ी मजदूर हैं। इनका सामर्थ्य कुछ खरीदने का नहीं है। इसलिए वे उन्हें पठन-पाठन की सामग्री भी उपलब्ध कराते हैं, ताकि उनके पढ़ने से घरवालों को कोई परेशानी न हो।
जाति और धर्म के बंधन तोड़ने की भी शिक्षा
डॉ. अजय ने बताया कि वे बच्चों को सर्वधर्म समभाव का पाठ पढ़ाते हैं। उन्होंने बच्चों को सिखाया है कि बिना किसी जाति और धर्म में बंधे एक अच्छा इंसान बनना चाहिए। जीवन में पहला धर्म मानवता है। उनकी इस शिक्षा का बच्चों पर काफी अच्छा प्रभाव पड़ा है। ये सभी धर्मों को समान मानते हैं और एक-दूसरे के त्यौहारों में शामिल भी होते हैं।
बच्चों के जन्मदिन भी मनाते हैं
डॉ. अजय ने बताया कि वे हर साल इन बच्चों को दिल्ली से बाहर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर लेकर जाते हैं। साथ ही इन बच्चों का जन्मदिन भी मनाते हैं। इस क्षेत्र में रहने वाले बच्चों को सलाह और मार्गदर्शन की आवश्यकता थी। उन्हें उम्मीद है कि इस सहारे से ही ये गरीब बच्चे चमक उठेंगे और भविष्य में बदलाव के वाहक बनेंगे।