फरीदाबाद के विकास के लिए केंद्र सरकार को एक और डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) भेजी जाएगी।
इसके तहत राज्य सरकार द्वारा हाल ही में नियमित की गईं 67 कॉलोनियों के विकास पर विशेष जोर रहेगा। सोमवार को नगर निगम सदन में हुई पार्षदों की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
बैठक में पार्षदों ने जिन विकास कार्यों पर सुझाव दिए उन पर करीब एक हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
ज्ञात हो कि वर्ष 2013 में जवाहर लाल नेहरू नेशनल अर्बन रिनुअल मिशन (जेएनएनयूआरएम) के तहत 458 करोड़ की डीपीआर बनाकर केंद्र सरकार के पास भेजी गई थी। इसमें सीवर लाइन, सड़कों का निर्माण व कचरा निस्तारण का कार्य प्रस्तावित था।
लेकिन 29 अक्टूबर 13 को हुई नगर निगम सदन की बैठक में कुछ पार्षदों कहा कि इसमें उनके क्षेत्र के काम शामिल नहीं हैं। इसलिए इसे सदन नहीं पास करेगा। इसके बाद बीच का रास्ता निकालते हुए यह तय हुआ था कि इस डीपीआर को पास कर केंद्र को भेजा जाए। बाद में अन्य पार्षदों से भी बात करके एक और डीपीआर भेजी जाएगी।
उसी के तहत पार्षदों की बैठक में अलग-अलग क्षेत्रों से कई विकास के सुझाव पार्षदों ने रखे। सबसे ज्यादा जोर राज्य सरकार द्वारा नियमित की गई 67 कॉलोनियों में विकास कार्यों को लेकर रहा।
पार्षदों का कहना था कि इन कॉलोनियों में तेजी से विकास कराया जाए ताकि लोगों को सुविधा मिल सके। बैठक में मेयर अशोक अरोड़ा, सीनियर डिप्टी मेयर मुकेश शर्मा, डिप्टी मेयर राजेन्द्र भामला, मुख्य अभियंता सुजाना राम विशभनोई, एक्सईएन अनिल मेहता, डीआर भाष्कर, सुरेन्द्र पुनिया समेत कई पार्षद व अधिकारी शामिल थे।