गाजियाबाद जिला जज की अदालत ने बुधवार को शादी के आठ महीने बाद पत्नी की दहेज के लिए हत्या करने वाले आरोपी पति और उसकी मां को आठ-आठ साल की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार शर्मा की अदालत ने दोनों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद शर्मा ने बताया कि अमरोहा की रहने वाली कलावती ने 14 जून 2016 को अपनी बेटी बॉबी शर्मा की शादी वहीं के रहने वाले देवेश उर्फ गोलू शर्मा से की थी। आरोप है कि शादी के कुछ दिनों बाद ही देवेश और उसका परिवार शादी में मिले दहेज से खुश नहीं था। वह दहेज में एक लाख रुपये और बाइक की मांग कर रहा था।
बॉबी ने इसकी जानकारी परिजनों को दी। इसके बाद वह पति के साथ लोनी के माया कुंज इलाके में किराए के मकान में आकर रहने लगी। आरोप है कि 25 मार्च 2017 को बॉबी ने मां को कॉल कर बताया कि उसका पति दहेज नहीं मिलने पर उसकी हत्या कर सकता है। उसके तीन घंटे बाद परिजनों का जानकारी मिली कि उनकी बेटी की मौत हो चुकी है।
परिजन मौके पर पहुंचे तो देखा कि बॉबी की फंदा लगाकर देवेश और उसकी मां नीरू शर्मा ने हत्या कर दी है। इसके बाद बॉबी की मां ने देवेश और उसकी मां नीरू के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया। लोनी बॉर्डर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। बुधवार को मामले की अंतिम सुनवाई जिला जज की कोर्ट में हुई। अदालत ने आठ गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी पाया। कोर्ट ने दोनों अभियुक्तों को आठ साल की कैद और 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।