मंगल पांडे मार्ग पर यमुना विहार से भजनपुरा के बीच बना डबल डेकर फ्लाईओवर 20 से 25 दिसंबर के बीच यातायात के लिए खुलने की उम्मीद है। यह फ्लाईओवर रोजाना डेढ़ लाख से अधिक वाहन चालकों के लिए सिग्नल-फ्री रास्ता प्रदान करेगा।
गाजियाबाद से सिग्नेचर ब्रिज तक सफर करने वाले वाहन चालकों को जल्द बड़ी राहत मिलेगी। मंगल पांडे मार्ग पर यमुना विहार से भजनपुरा के बीच बना डबल डेकर फ्लाईओवर 20 से 25 दिसंबर के बीच यातायात के लिए खुलने की उम्मीद है। यह फ्लाईओवर रोजाना डेढ़ लाख से अधिक वाहन चालकों के लिए सिग्नल-फ्री रास्ता प्रदान करेगा।
विज्ञापन
करीब 90 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब फ्लाईओवर को मुख्य सड़क से जोड़ने वाले रैंप, अप्रोच सड़क और नालियों से जुड़े काम को तेजी से पूरा किया जा रहा है। परियोजना का बजट 220.10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 291.10 करोड़ रुपये किया गया है। इससे अंतिम चरण के काम में आ रही आर्थिक अड़चनें दूर हो गई हैं।
ये मिलेगा लाभ
करीब 1.4 किलोमीटर लंबा यह फ्लाईओवर मंगल पांडे मार्ग पर यातायात का बड़ा हिस्सा ऊपर से निकालेगा। इससे आसपास के 10 लाख से अधिक लोगों को भी जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। इसका लाभ पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के साथ गाजियाबाद और लोनी से दिल्ली आने-जाने वाले लोगों को भी मिलेगा। घोंडा विधायक अजय महावर ने कहा कि इस कॉरिडोर को शुरू करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों की तरफ से इसे 20 से 25 दिसंबर तक पूरा कर लेने की बात कही गई है।
विज्ञापन
दिल्ली का पहला डबल डेकर कॉरिडोर
इस डबल डेकर फ्लाईओवर की खासियत यह है कि एक ही पिलर पर दो स्तर बनाए गए हैं। निचले स्तर पर वाहन चलेंगे जबकि ऊपरी स्तर पर मौजपुर-मजलिस पार्क मेट्रो कॉरिडोर की पटरियां हैं। सड़क वाला हिस्सा करीब 9.5 मीटर और मेट्रो वाला हिस्सा करीब 18.5 मीटर की ऊंचाई पर है। राजधानी में सड़क और मेट्रो को एक ही ढांचे में रखने का यह पहला कॉरिडोर है। दिल्ली से पहले जयपुर में भी इसी तरह की डबल डेकर व्यवस्था मौजूद है। इस परियोजना पर वर्ष 2020 से काम चल रहा है।